#YuvrajSingh : संन्यास के बाद याद आई युवराज की ये पांच बड़ी INNINGS

युवराज सिंह भारतीय क्रिकेट में एक ऐसा नाम है जो सिर्फ खेल के मैदान में ही अपनी विरोधी टीमों से नही लड़ा बल्की अपनी ज़िंदगी में भी कैंसर जैसी गंभीर बिमारी को मात दी. भारत के 2007 टी-20 वर्ल्ड कप और 2011 क्रिकेट वर्ल्ड कप में जीत के हीरो रहे युवराज सिंह ने आज भारतीय क्रिकेट से सन्यास ले लिया.

युवराज ने कहा कि यह उनके लिए काफी भावनात्मक पल है और उनका करियर एक रोलर-कोस्टर की तरह रहा है. युवराज ने कहा कि वह काफी समय से रिटायरमेंट के बारे में सोच रहे थे और अब उनका प्लान आईसीसी द्वारा मान्यता प्राप्त टी-20 टूर्नामेंट्स में खेलने का है.

आज हम आपको युवराज की वो धमाकेदार पारियां बताने जा रहे है.जिनकी बदौलत भारतीय टीम ने कई मैचों को आपने कब्जे में कर लिया था.


150 रन VS इंग्लैंड, कटक 2017

साल 2017 में युवराज सिंह ने एकदिवसीय टीम में शानदार वापसी की और इंग्लैंड के खिलाफ कटक में हुए दूसरे एकदिवसीय मुकाबले में उन्होंने अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ पारी खेली। मुश्किल स्थिति में युवराज सिंह ने एक महेंद्र सिंह धोनी के साथ यादगार साझेदारी करते हुए टीम का स्कोर 300 के पार पहुंचाया.

युवराज सिंह ने 127 गेंदों में 150 रनों की पारी खेली, जिसमें 21 चौके और 3 छक्के शामिल थे। युवराज सिंह को धमाकेदार शतकीय पारी के लिए मैन ऑफ द मैच चुना गया था।

57* रन और 2/44 vs ऑस्ट्रेलिया, 2011 विश्वकप क्वार्टरफाइनल

साल 2011 के क्वार्टर फाइनल में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच रोमांचक मुकाबला देखने को मिला था. घरेलू मैदान में खेलने के कारण दबाव भारतीय टीम के ऊपर था. पहले बल्लेबाजी करते हुए ऑस्ट्रेलिया ने 260 रन बनाए, जिसमें गेंद के साथ युवराज सिंह ने 2 विकेट लिए.


रनों का पीछा करने उतरी भारतीय टीम एक समय संघर्ष कर रही थी, लेकिन अंत में सुरेश रैना और युवराज सिंह ने 73 रनों के बीच साझेदारी करते हुए टीम को सेमीफाइनल में पहुंचाया. युवराज सिंह 57 रन बनाकर नाबाद रहे और उन्हें मैन ऑफ द मैच चुना गया.

113 रन vs वेस्टइंडीज, चेन्नई 2011

2011 विश्वकप के आखिरी लीग मुकाबले में भारत और वेस्टइंडीज के बीच हुए मुकाबले को युवराज सिंह की शानदार शतकीय पारी के लिए याद किया जाता है. पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम संघर्ष कर रही थी, लेकिन युवराज सिंह ने एक बार फिर मोर्चा संभालते हुए टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया.

युवराज सिंह ने इस मैच में 123 गेंदों में 113 रनों की शानदार पारी खेली, जिसमें 10 चौके और 2 छक्के शामिल थे. युवी ने गेंद के साथ भी 2 विकेट चटकाए थे, जिसके दम पर भारत ने आसानी से इस मैच को जीता था. युवराज सिंह को उनके ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए मैन ऑफ द मैच चुना गया था.

58 रन vs इंग्लैंड, वर्ल्डटी20 डरबन 2007

2007 में हुए पहले टी20 विश्वकप में इंग्लैंड के खिलाफ हुए करो या मरो के मुकाबले में भारत को जीत की काफी जरूरत थी. युवराज सिंह ने इंग्लैंड के तेज गेंदबाज स्टुअर्ट ब्रॉड के एक ओवर में 6 गेंदों 6 छक्के लगाए. इसके साथ ही युवी ने 12 गेंदों में अर्धशतक लगाया, जो आज भी विश्व रिकॉर्ड है.

युवराज सिंह की इसी पारी की बदौलत भारत ने 200 के ऊपर का स्कोर बनाया और अंत में इस मैच को जीता. युवी को इस ऐतिहासिक पारी के लिए मैन ऑफ द मैच चुना गया.

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139 रन बनाम ऑस्ट्रेलिया, सिडनी 2003

साल 2003 में सीबी सीरीज में सिडनी में हुए मुकाबले को युवराज सिंह की शानदार पारी के लिए याद किया जाता है. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हुए मुकाबले में युवी जब बल्लेबाजी करने आए, तो भारत का स्कोेर 80 पर 3 था. हालांकि इसके बाद उन्होंने वीवीएस लक्ष्मण के साथ मिलकर 213 रनों की साझेदारी करते हुए भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाया.

युवराज सिंह ने इस मैच में 139 रनों की पारी खेली, जिसमें 16 चौके और 2 छक्के शामिल थे. यह युवी के करियर का पहला अंतर्राष्ट्रीय शतक भी था. भले ही भारत को इस मैच में हार मिली, लेकिन युवराज सिंह को उनकी शानदार पारी के लिए मैन ऑफ द मैच चुना गया.

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