दिल्ली के युवाओं के दिल में धुआं

युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक में स्मोकिंग की लत बढ़ रही है. दिल्ली-एनसीआर में खासतौर से ये लत लगातार बढ़ रही है. दिल्ली-एनसीआर की बात करें तो यहां 15-50 साल तक की उम्र के लोगों में धुम्रपान की लत है.

हाल ही में की गई एक रिपोर्ट में सामने आया है कि इस उम्र का हर तीसरा व्यक्ति स्मोकिंग की लत से पीडि़त है. इसमें सबसे ज्यादा 20-30 साल की उम्र के लोग हैं.

सिर्फ स्मोकिंग ही नहीं बल्कि ये लोग स्ट्रेस से भी ग्रसित हैं. इस स्ट्रेस को दूर करने के लिए सिगरेट का इस्तेमाल करते हैं. सिगरेट का इस्तेमाल करने वालों की संख्या में भी लगातार इजाफा हो रहा है.

स्मोकिंग करने वालों की संख्या में हो रही बढ़ोतरी के कारण भारत इससे होने वाली मौतों की लिस्ट में भी शामिल है.

छोड़ें सिगरेट की लत

सिगरेट पीने से कई तरह की बीमारियों के होने का खतरा भी बना रहता है. तंबाकू और स्मोकिंग करने से फेफड़ों का कैंसर हो जाता है.

सिर्फ यही नहीं इसके अलावा अस्थमा और दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा भी बना रहता है. सिगरेट धीमा जहर बनकर काम करती है. सिगरेट का धुआं फेफडों को टार में बदलता है. अगर किसी को सिगरेट छोड़नी है तो इसका असर सिर्फ दृढ़ इच्छा शक्ति के कारण ही हो सकता है.

ऐसे करें कंट्रोल

  • सबसे पहले इस बात को दिमाग में रखें कि आप हर ट्रिगर को धैर्य के साथ कंट्रोल कर सकते हैं.
  • चाय, कॉफी जैसी चीजों से दूर रहें. ये सिगरेट के लिए उकसाने का काम करती हैं.
  • ऐसे दोस्तों से दूरी बनाएं जो आपको सिगरेट पीने के लिए उकसाते हैं.
  • ई-सिगरेट का इस्तेमाल करके भी सिगरेट पीने की लत से छूटकारा पा सकते हैं.

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