निकला आधा साल, 2020 में आपदाओं और महामारियों ने मचाई तबाही!

lal
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नई दिल्ली. 2019 को अलविदा कहते हुए हम सभी ने एक दूसरे को 2020 की ढेरों शुभकामनाएं दी…खूब हैप्पी न्यू ईयर कहा…साल 2020 बड़ी उम्मीदों के साथ शुरू हुआ था….हर कोई यही सोच रहा था कि नया साल नई खुशियां और उम्मीदें लेकर आएगा…..

लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ. अभी 2020 साल आधा ही बीता है, कि इस दौरान ऐसी-ऐसी घटनाएं देखने को मिली जिससे लोग स्तब्ध हैं, हैरान हैं परेशान हैं…अब तक क्या-क्या हुआ हम आगे अपनी इस रिपोर्ट में बताएंगे….

साल 2020 में हम कोरोना देख रहे हैं….तूफान से जूझ रहे हैं….आग से लड़ रहे हैं, आसमान में लाचार हो रहे हैं…. कही हवा में जहर घुल रही है तो कहीं टिड्डीयों ने आंतक मचाया..आधा साल बीतने को आया लेकिन दुनिया के हिस्से में बिना इलाज वाला कोरोना वायरस लोगों की जिंदगी में आया…

कोरोना ने दुनिया भर में लाखों जिदंगी खत्म कर दी….कहीं पर अम्फान की महाविनाश वाली आंधी आई तो कभी निसर्ग जैसे तूफान के साथ जिंदगी की जंग चली….देश की राजधानी दिल्ली में दंगे हुए….साल की शुरूआत में दिल्ली ने कैसे -कैसे मंजर देखे, सीएए, एनआरसी को लेकर बवाल….दंगो में सैकेंडों लोगो की जान भी गई…टिड्डीयों के आंतक ने लोगों को खूब परेशान किया.

सिर्फ भारत ही नहीं दुनिया 2020 से परेशान होकर कह रही है अब बस करो…..दिल्ली-एनसीआर समेत भारत के कई राज्यों में लगातर भूकंप आने से लोगों के मन में डर पैदा हो गया….लाकडाउन में नौकरी जाने का डर…तो कहीं प्रवासी मजूदरों की सही सलामती घर वापसी की चिंता….कश्मीर में आतंकी हमले लगातार बढ़े…. भारत चीन के बीच तनाव पैदा हुआ..

LAC पर भारत-चीन के सैनिकों में हिंसक झड़प हुई जिसमें भारत के तीन जवान शहीद हो गए, तो चीन के सरकारी अखबार के मुताबिक पांच चीनी सैनिक भी मारे गए….खौफ सिर्फ धरती पर ही नहीं था आसमान में भी था…..एस्ट्रायड का धरती के पास से गुजरने का खौफ… और अब 21 जून के चंद्र ग्रहण पर नजर…

Bollywood को भी साल 2020 में नजर लग गई, ऐसा लगा कि 2020 में ये काल बनकर आया है… बॉलिवुड के कई चमकते सितारे इरफान खान, ऋषि कपूर, सुशांत सिंह राजपूत, संगीतकार बाजिद खान इस दुनिया को अलविदा कह गए…इसके साथ ही कई दीपक इस 2020 में बूझ गए…

ये साल 20-20 बर्ल्ड कप का साल था, नासा के मिशन का साल था,,, ओलंपिक का साल था , ये साल था ढेरों चुनावों का…ये साल था इसरो के मिशन का…उस समय किसी ने सोचा नहीं था कि आधा साल बीतते बीतते सब ये कहने लगेगें ,अब बस भी करो….

कोरोना से जूझता इंसान, लेकिन नियति ने क्या सोच रखा है ये किसी को पता नहीं, जान बचाने की जद्दोजहद में इंसान क्या क्या झेल रहा है….कितना लड़े इंसान…कितना झेले इंसान….अब बस भी,अब बस भी करो…कोरोना के आगे दुनिया बेवस है…कब मुक्ति मिलेगी, मिलेगी या नहीं, किश्तों में धीरे धीरे बर्बादी की तरफ बढ़ते हुए इंसान कह रहा है अब बस करो.