Xiaomi ने कहा- Boycott China सिर्फ सोशल मीडिया पर

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नई दिल्ली. इस समय देश में जोरों-शोरों से चीनी सामानों का बहिष्कार किया जा रहा है. सरकार भी लगातार मेड इन इंडिया प्रोडक्ट को ही बढ़ावा दे रही है. भारत और चीन के बीच चल रहे विवाद और तनाव के कारण, भारतीयों ने चीन के सामानों का बहिष्कार किया है.

 एक तरफ जहां सोशल मीडिया से लेकर हर तरफ चीनी के सामानों का बहिष्कार के ही ट्रेंड देखने को मिल रहे हैं. वहीं दूसरी तरफ देश की टॉप मोबाइल कंपनी शाओमी इंडिया के एमडी मनु कुमार जैन ने कहा कि का चाइना विरोधी भावनाएं सिर्फ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म तक की सीमित हैं. इससे कंपनी के कारोबार पर कोई असर नहीं पड़ेगा.

मनु जैन आगे कहते हैं कि इस बहिष्कार की भावना ने ना तो अब तक कंपनी के बिजनेस को प्रभावित किया है, ना ही आने वाले समय में इसका कंपनी के बिजनेस पर कोई बड़ा असर पड़ेगा. मनु जैन कहते हैं कि सोशल मीडिया पर एक भीड़ की मानसिकता, गुस्सा देखने को मिल जाएगा, लेकिन ये सब कंपनी के बिजनेस को प्रभावित नहीं करेगा. वह कहते हैं कि उनकी चीनी होने से कहीं अधिक भारतीय है.

 मनु जैन का कहना है कि लोगों का ये गुस्सा बिल्कुल सही नहीं है. क्योंकि यहां बनने वाले कंपनी के सभी स्मार्टफोन और स्मार्ट टीवी में औसतन 65 फीसदी कंपोनेंट लोकल मार्केट का होता है. सिर्फ 35 फीसदी ही चीनी हिस्सा है. तो ऐसे में कंपनी पूरी तरीके से चीन की कैसे हुई.

इसकी लीडरशिप भी पूरी तरह से लोकल है और इसने करीब 50 हजार लोगों को रोजगार दिया हुआ है. ऐसे में कहना कि ये कंपनी पूरी तरीके से चीन की है और सिर्फ उसकी ही इकॉनोमी को फायदा पहुंचा रही है गलत है. उन्होंने ये भी कहा कि भारतीयों का 100 फीसदी डेटा भारत में ही रहता है.

आपको बता दें कि भले ही सोशल मीडिया पर जोरों-शोरों से चीनी सामानों का बहिष्कार किया जा रहा हो. लेकिन असलियत इस से बिल्कुल अलग है. फ्लिपकार्ट की सेल में सबसे ज्यादा शाओमी के ही फोन बिकते हैं. मिनटों में शाओमी के फोन स्टॉक आउड हो जाते हैं. भारत में सबसे अधिक मोबाइल शाओमी कंपनी के ही बिकते हैं.