विश्व एड्स दिवस आज, यहां निकाली गईं इस तरह की रैलियां

कोरिया 01 दिसम्बर
विश्व एड्स दिवस हर वर्ष 1 दिसंबर को मनाया जाता है. इस वर्ष इसकी थीम ‘एचआईवी / एड्स महामारी समाप्त: समुदाय से समुदाय तक’ है. विश्व एड्स दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य विश्व स्तर पर एड्स के लिए रोकथाम और नियंत्रण के उपायों को बढ़ाने के लिए, एड्स के इलाज, परीक्षण, तथा एंटीरेट्रोवाइरल थेरेपी के लिये तकनीकी सहायता उपलब्ध कराना तथा लोगो को एड्स के प्रति जागरूक करके इसके खिलाफ लड़ने में सहायता के साथ एएचआईवी संक्रमण की वजह से होने वाली महामारी एड्स के बारे में जागरूकता बढ़ाना है.

सीएमएचओ डां रामेश्वर शर्मा ने बताया एड्स के प्रति भ्रांति को हटाकर एड्स की जानलेवा बीमारी के लक्षणों के प्रति जागरुक करना है, जिससे की लोग इसके विषय में सचेत हो सकें और यह बीमारी जड़ से मिट सके.

नोडल अधिकारी डॉ अशोक कुमार सिंह ने बताया जिले में एड्स दिवस के अवसर पर जागरूकता रैली का आयोजन किया गया. यह रैली जिला अस्पताल से प्रातः 9 बजे निकाली गई जो शहर के प्रमुख चौक -चौराहों से होते हुए वापस जिला अस्पताल में आकर खत्म हुई.

एड्स वायरस को रेट्रोवायरस कहा जाता है. एनएफएचएस- 4 के आंकड़ों के अनुसार छत्तीसगढ़ में एड्स जागरूकता के मामले मे 81 प्रतिशत से अधिक महिलाओं ने एचआईवी एड्स के बारे में सुना है ,जिसमें से प्रतिशत शहरी क्षेत्र जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में 70 प्रतिशत महिलाएं इस बारे में जानती हैं| बड़ी उम्र की 74 प्रतिशत महिलाओं की तुलना में कम उम्र की प्रतिशत महिलाओं ने एचआईवी के बारे में सुना है .

बिना स्कूली शिक्षा 63 प्रतिशत और बिना मास मीडिया एक्सपोज़र 59 प्रतिशत वाली महिलाएँ हैं,जिनमें अन्य महिलाओं की तुलना में एड्स की संभावना कम है. जबकि 92 प्रतिशत ने एचआईवी या एड्स के बारे में सुना है, जिसमें शहरी क्षेत्रों में प्रतिशत और 99 प्रतिशत 12 साल की स्कूली शिक्षा वाले शामिल हैं.

हिन्दुस्थान समाचार/महेन्द्र

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