हिमाचल में महिलाओं का ‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा, बना रही हैं राखियां

HS (4)
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चीनी समान का देश भर में बहिष्कार किये जाने से इस बार बाजारों में राखियां भी स्वदेशी ही बिक रही हैं . वहीं सोलन में भी महिलाओं ने ‘ मेक इन इंडिया ‘ को बढ़ावा देते हुए घर पर बेकार पड़ी चीजों से बेहतरीन राखियां निर्मित की हैं.

सोलन के आसपास क्षेत्रों में महिलाओं के स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने इस बार अपना हुनर दिखाते हुए नए प्रकार की राखियां बनाई हैं. जिन्हें शुक्रवार को प्रदर्षित किया गया.

इंडियन काउंसिल ऑफ सोशल वेल्फेयर संस्था सोलन द्वारा आसपास के क्षेत्रों में स्थापित किए गए स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने वेस्टेज सम्मान से राखियां बनाकर अपने हुनर का उदाहरण पेश किया है. इन महिलाओं ने विभिन्न प्रकार की राखियां घर में पड़े वेस्ट सामान से तैयार की है. जिसमें मुख्य रूप से मौली, ऊंन के धागे, कुल्लु की पट्टी और चीड़ के पेड़ की पत्तियों से ये राखियां निर्मित की गई हैं.

इंडियन काउंसिल ऑफ सोशल वेल्फेयर संस्था की अध्यक्ष शांति जयसवाल ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने पहली बार राखी बनाई है. उन्होंने कहा कि चीन के सामान का बहिष्कार कर स्वदेशी सामान को अपनाने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया है ताकि स्वयं सहायता समूह को आत्मनिर्भर बनाया जा सके.

हिन्दुस्थान समाचार / संदीप