इतनी महिलाओं को मार रही किडनी की बीमारी

महिलाओं में पुरूषों के मुकाबले किडनी की बीमारी ज्यादा होती है. हर साल लगभग 6 लाख महिलाएं किडनी से संबंधित बीमारी की चपेट में आकर जान गंवाती हैं.

वैसे तो हमारा शरीर अपने आप में किसी मशीन से कम नहीं है. इसका हर अंग मशीन के पुर्जे की तरह ही अपना हर काम करता है. हर अंग अपने हिस्से का काम करता है.

हमारा शरीर अपने आप में एक अनूठी मशीन है, जिसका हर पुर्जा अपने हिस्से का काम बिना रूके करता रहता है, लेकिन अगर किसी तरह की लापरवाही हो तो बीमारी अपना सिर उठाने लगती है और एक हिस्से की बीमारी दूसरे अंगों पर भी असर डालती है.

लापरवाही बढ़ा सकती है परेशानी

किडनी की परेशानी होने पर जरा सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है. अभी देखने में आया है कि खान-पान और लाइफस्टाइल में होने वाले बदलाव के कारण किडनी की बीमारी से लोग प्रभावित होते हैं.

करोड़ों महिलाएं हैं पीड़ित

इस बार किडनी दिवस की थीम ‘किडनी हेल्थ फॉर एवरी वन, एवरी वेयर’ है. अनुमान के अनुसार पूरे विश्व में 19.5 करोड़ महिलाएं किडनी की समस्या से पीड़ित है. वहीं देश में औसतन 14 प्रतिशत महिलाएं और 12 प्रतिशत पुरुष किडनी की समस्या से पीड़ित हैं और पूरे विश्व में 19.5 करोड़ महिलाएं किडनी की समस्या से पीड़ित है.

लाखों लोगों को ले रहा चपेट में

भारत में भी यह संख्या तेज़ी से बढ़ती जा रही है. यहां हर साल 2 लाख लोग इस रोग की चपेट में आते हैं. दोनों किडनी 60 प्रतिशत खराब होने के बाद ही मरीज को इसका पता चल पाता है.

किडनी खराब होने पर शरीर में खून साफ नहीं हो पाता और क्रिएटनिन बढ़ने लगता है. यदि दोनों किडनी अपना कार्य करने में सक्षम नहीं हों, तो उसे आम भाषा में किडनी फेल हो जाना कहते है.

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