NDRF के रेस्क्यू बोट पर महिला ने दिया बच्ची को जन्म

बिहटा, 21 जुलाई. उत्तर बिहार बाढ़ में राहत एवं बचाव में जुटी 9वीं एनडीआरएफ के रेस्क्यू बोट पर एक गर्भवती महिला का सुरक्षित प्रसव कराया गया जिसमें महिला ने एक बच्ची को जन्म दिया.

रविवार को एनडीआरएफ के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार एक दिन पूर्व मोतिहारी जिले के बंजरिया प्रखंड स्थित गोबरी गांव निवासी मो० नासिर आलम की पत्नी सबीना खातून (41वर्ष) बाढ़ प्रभावित गांव में प्रसव वेदना से परेशान थी.

उसके परिजन उसे नजदीक के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बंजरिया पहुंचाने की कोशिश कर रहे थे. इस बात की सूचना मोतिहारी में तैनात एनडीआरएफ के टीम कमाण्डर निरीक्षक महेन्द्र सिंह धामी को मिली.

उस समय सहायक उप निरीक्षक विजय झा के नेतृत्व में बटालियन की एक सब-टीम बाढ़ प्रभावित प्रखण्ड बंजरिया में राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई थी.

टीम कमाण्डर के निर्देश पर इसके बचावकर्मी त्वरित कार्यवाही करते हुए सहायक उप निरीक्षक विजय झा के नेतृत्व में तुरन्त इस गांव में पहुंचे.

फिर सबीना खातून को उनके परिजनों तथा आशा कर्मचारी के साथ अपनी मोटर बोट से नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बंजरिया तक सुरक्षित पहुंचाने में जुट गए.

बोट पर एनडीआरएफ के नर्सिंग असिस्टेंट राणा प्रताप यादव भी मौजूद थे. बूढ़ी गंडक की बाढ़ के मजधार में गर्भवती महिला की प्रसव वेदना और बढ़ गई.

महिला की गम्भीर हालत एवं उनकी जान जोखिम को देखते हुए उसका बोट पर ही प्रसव कराने का फैसला लिया गया.

आखिर में बटालियन के नर्सिंग असिस्टेंट, आशा कर्मचारी तथा उनके परिवार की महिलाओं के सहयोग से बोट पर ही सफल एवं सुरक्षित प्रसव करा लिया गया.

सबीना खातून ने रेस्क्यू बोट पर एक बच्ची को जन्म दिया. फिर महिला और नवजात शिशु को एम्बुलेन्स की मदद से स्वास्थ्य केन्द्र बंजरिया में भर्ती करवा दिया गया.

महिला और नवजात शिशु दोनों स्वस्थ्य हैं. रविवार को बटालियन के कमान्डेंट विजय सिन्हा ने बताया कि बाढ़ प्रभवित इलाकों से सुरक्षित निकालने के क्रम में बोट पर यह दसवें बच्चे का जन्म है.

हमारे बचावकर्मियों का उद्देश्य गर्भवती महिला को जल्द से जल्द सुरक्षित तरीके से नजदीकी अस्पताल पहुंचना का होता है.

साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि हमारे बचावकर्मी आपदा रेस्पांस की अन्य तकनीकों के साथ-साथ प्रथम चिकित्सा उपचार में प्रशिक्षित होते हैं.

उन्हें सुरक्षित प्रसव कराने के बारे में प्रशिक्षित किया जाता है ताकि आपदा में जरूरतमंद को हर संभव मदद की जा सके. हिन्दुस्थान समाचार/किशोर

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