झारखंड चुनावः क्या जनता इस बार किसी एक दल को देगी स्पष्ट बहुमत?

रांची, झारखंड।

झारखंड में कुल 81 विधानसभा सीटें हैं और राज्‍य की विधानसभा का कार्यकाल पांच जनवरी 2020 को पूरा हो रहा है. इससे पहले नई सरकार का गठन होना है. इस बीच आज विधानसभा चुनाव की घोषणा होते ही सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इस बार राज्य की जनता किसी एक दल को स्पष्ट बहुमत देगी? 

यह सवाल इसलिए महत्व का है कि जबसे एक राज्य के तौर पर झारखंड का गठन हुआ है तबसे अब तक किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है. पिछले 20 सालों के राजनीतिक इतिहास में इस छोटे से राज्य में उठा-पटक और जोड़-तोड़ की राजनीति ही देखने को मिली. 

हांलाकि इस बार बीजेपी ने रघुवर दास के नेतृत्व में 5 साल तक स्थिर सरकार दी है, लेकिन 2014 के विधानसभा चुनाव में जनता ने बीजेपी की झोली में 37 सीट ही डाली थी. सहयोगी आजसू को को पांच और बाद में झाविमो के छह विधायक टूट कर बीजेपी में शामिल हो गये तो उनकी संख्या बहुमत की हो गयी. 

इस बार भारतीय जनता पार्टी एक बार फिर से रघुवर दास के नेतृत्व में 65 प्लस के नारे के साथ मैदान में है. जनता का फैसला 23 दिसम्बर को सामने आ जायेगा. साल 2014 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी 31.3 फीसदी मतों के साथ 37 सीटों पर जीत दर्ज करने में कामयाब हुई थी. 

उसकी सहयोगी ऑल झारखंड स्टूडेंट यूनियन (AJSU) 3.7 प्रतिशत मतों के साथ पांच सीटों पर विजयी हुई थी. इसके अलावा झारखंड मुक्‍त‍ि मोर्चा (JMM) 20.4 फीसदी मतों के साथ 19 सीटें, कांग्रेस 10.5 फीसदी मतों के साथ 7 सीटें और झारखंड विकास मोर्चा (JVM) ने 10 प्रतिशत वोटों के साथ 8 सीटों पर जीत दर्ज की थी. 

हालांकि, चुनाव के बाद जेवीएम के सत्येंद्र तिवारी, रणधीर सिंह, अमर बाउरी, नवीन जायसवाल, आलोक चौरसिया समेत छह विधायक  बीजेपी शामिल हो गए थे. इसके अलावा विधानसभा चुनाव की घोषणा से ठीक पहले पिछले महीने JVM के एक और विधायक प्रकाश राम ने भी बीजेपी का दामन थाम लिया था. 

अब JVM के पास सिर्फ एक विधायक प्रदीप यादव पार्टी में बच गये हैं लेकिन दुष्कर्म का आरोप लगने के बाद झाविमो ने उन्हें महासचिव के पद से हटा दिया है. 

2019 के लोकसभा चुनाव में झारखंड की 14 में से 11 सीटें भारतीय जनता पार्टी के खाते में गई हैं. एक सीट उसकी सहयोगी आजसू को मिली थी. झामुमो और कांग्रेस के हिस्से में 1-1 सीट आई थी जबकि 2014 के चुनाव में बीजेपी ने अकेले 12 सीटें जीती थीं.

आजसू ने मांगी 19 सीटें, अभी तक नहीं हुआ फैसला

चुनाव की तिथियों की घोषणा के साथ झारखंड में चुनाव आचार संहिता लागू हो गई. बीजेपी ने इस बार राज्‍य में मिशन 65 प्लस का टारगेट रखा है और जोरशोर से चुनाव की तैयारी में लग गई है. 

इसके साथ ही अगर सूत्रों की मानें तो आजसू ने बीजेपी से 19 सीटों की मांग की है. हालांकि अभी इस पर कोई फैसला नहीं हुआ है लेकिन बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने कहा है कि आजसू को पिछले चुनाव के करीब ही सीटें मिलेंगी. पिछले चुनाव में बीजेपी ने आजसू के लिए 8 सीटें छोड़ी थी.

महागठबंधन में भी पड़ी दरार

एनडीए के खिलाफ झारखंड मुक्ति मोर्चा और कांग्रेस का गठबंधन चुनाव लड़ेगा. झामुमो 43 से 45, कांग्रेस 25 से 27, राजद और वामदल 5-5 सीटों पर चुनाव लड़ सकते हैं. 

झारखंड विकास मोर्चा (JVM) सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी किसी भी कीमत पर झामुमो नेता हेमंत सोरेन को महागठबंधन का नेता मानने को तैयार नहीं हैं. इस कारण JVM इस महागठबंधन से अभी बाहर है. 

हालांकि मरांडी अपनी पार्टी के लिए कम से कम 22 सीटें चाहते थे लेकिन JMM और कांग्रेस उन्हें 10 से 12 सीटें देने को ही तैयार थी. इसके चलते JVM ने सभी सीटों पर प्रत्याशी उतारने का ऐलान कर दिया है.

हिन्दुस्थान समाचार/राजीव

Leave a Comment

%d bloggers like this: