VIP कल्चर को किया दरकिनार, कायम की मिसाल

सादा जीवन उच्च विचार, आज के समय में ये सिर्फ चंद लाइनें या शब्द बनकर रह गए हैं. असल जीवन में इन्हें लागू करने वाले लोग बिरले ही मिलते हैं.

मगर उत्तराखंड के नैनीताल जिले के जिलाधिकारी सविन बंसल की पत्नी सुरभि बंसल ने एक अलग मिसाल पेश की. वो वीआईपी कल्चर का इस्तेमाल करने की जगह इसे दरकिनार करती नजर आईं.

दरअसल, शुक्रवार को सुरभि अपने बीमार बच्चे का इलाज कराने पहुंचे. वैसे किसी मां का अपने बच्चे को डॉक्टर के पास इलाज कराने के लिए ले जाना कोई अचंभे की बात नहीं है.

मगर सभी सुख सुविधाओं से लैस होने के बावजूद डीएम की पत्नी सरकारी अस्पताल में अपने बच्चे का इलाज कराने पहुंची. उन्होंने यहां किसी को अपनी पहचान नहीं बताई.

उन्होंने काउंटर पर पर्ची कटवाई और बाकी सभी मरीजों और उनके परिजनों के साथ लाइन में लगीं. इसके बाद उन्होंने नंबर आने पर अपने बच्चे का इलाज करवाया.

बीडी पांडेय अस्पताल पहुंची

डीएम की पत्नी सुरभि सुबह करीब 10 बजे बच्चे को लकेर बीडी पांडेय अस्पताल पहुंचीं. यहां पहुंच कर उन्होंने अपनी पहचान उजागर नहीं की. उन्होंने लाइन में लगकर पर्ची कटवाई.

आधा घंटा लाइन में लगीं

सुरभि आधा घंटा लाइन में लगी रहीं. लगभग आधा घंटा लाइन में लगने के बाद उनका नंबर आया. सुरभि के बच्चे का इलाज बाल रोग विशेषज्ञ ड़ॉक्टर एमएस रावत ने बच्चे का उपचार किया.

अचानक फैली खबर

हालांकि उन्होंने किसी को इस बात का अहसास तक नहीं होने दिया. जब वो अस्पताल से इलाज करावा कर वापस निकल रहीं थी तो जिलाधिकारी की गाड़ी उन्हें लेने आई.

तब अस्पताल के डॉक्टरों को अचानक ये पता चला कि वो जिलाधिकारी की पत्नी हैं. इसके बाद उनकी इस सादगी की चर्चा पूरे शहर में है.

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