जानिए अमृतसर जाना कैसे है खास, जानने के लिए पढ़ें पूरी खबर…

नई दिल्ली: अमृतसर एक शहर जिसमें धर्म की जड़ें बसी हुई है. ये शहर सिक्ख धर्म की मौजूदगी के साथ-साथ भारतीय आजादी का भी गवाह बना. इसे पंजाब का सबसे पवित्र शहर भी कहा जाता है. यहां सिक्खों का सबसे बड़ा गुरूद्वारा भी है.

अमृतसर सिख धर्म का एक आध्यात्मिक और सांस्कृतिक शहर है. यहां मनाए जाने वाला बैसाखी का त्यौहार बेहतरीन भोजन, कपड़े और मीरा बनाने के साथ-साथ इस शहर की संस्कृतियों को उजागर करता हैं. अमृतसर अपनी भूमि पर हुए जलियावाला बाग हत्याकांड और वाघा बॉर्डर से नजदीक होने की वजह से काफी फेमस है.

ये शहर स्वर्ण मंदिर में हुए ऑपरेशन ब्लू स्टार से लेकर जलियांवाला बाग हत्याकांड जैसे नरसंहार की त्रासदी का गवहा बना. अमृतसर की खूबसूरती और इतिहास से जुड़ी रोचक बातें सैलानियों को अपनी और बेहद आकर्षित करती हैं. यहां देश-विदेश से घूमने लाखों सैलानी आते हैं और यहां के टूरिस्ट प्लेसेज का लुत्फ उठाते हैं.

ये हैं अमृसर में घूमने की जगह

  • गोल्डन टेम्पल- इसे हरमिंदर साहिब मंदिर के नाम से भी जाना जाता है. आपको ये जानकर हैरानी होगी कि इस मंदिर की नींव एक मुस्लिम ने रखी थी. मंदिर में आप चारों दिशाओं से प्रवेश कर सकते हैं. वैसे तो ये सिक्खों का गुरुद्वारा है लेकिन इसके नाम में मंदिर शब्द का जुड़ना ये दिखाता है कि भारत में सभी धर्म एक समान हैं. इसे मंदिर में देश-विदेश के लाखों श्रद्धालु माथा टेकने आते हैं.
  • जलियांवाला बाग- गोल्डन टेम्पल से महज 1 किलोमीटर की दूरी पर स्थित जलियांवाला बाग. ये बाग लाखों बेकसूर भारतीयों की मौत का गवाह है. यहां कर रहे निहत्थे भारतीयों पर अंग्रेजों ने अंधाधुंध गोलियां चलाईं और उन्हें मौत के घाट उतार दिया. आज भी अमृतसर आने वाला हर शख्स इस जगह पर जाकर मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देना नहीं भूलता.
  • वाघा बॉर्डर- ये भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान के बीच का रास्ता है. बीटिंग रिट्रीट और चेंज ऑफ गार्ड सेरेमनी को देखने यहां हर रोज बड़ी संख्या में सैलानियों के साथ ही आम लोग भी पहुंचते हैं. भारत और पाकिस्तान दोनों ही देशों के जवान यहां पूरे उत्साह के साथ अपनी देशभक्ति का प्रदर्शन करते हैं.
  • महाराजा रणजीत सिंह संग्रहालय- अमृतसर में देखने वाली जगहों में शामिल महाराजा रणजीत सिंह संग्रहालय समर पैलेस का बदला हुआ रूप है. महाराजा रणजीत सिंह संग्रहालय एक सुंदर इमारत है जिसमें महाराजा रणजीत सिंह की शाही विरासत वस्तुओं को संग्रह करके रखा गया है.
  • पार्टिशन म्यूजियम- इस शहर में देखने वाली जगहों में शुमार यहां का पार्टिशन म्यूजियम लाखों लोगों की कहानियां और कई दूसरी रोचक बातों की ओर ध्यान केन्द्रित करता है.
  • वॉर मेमोरियल-देश के जवानों को समर्पित वॉर मेमोरियल हाल ही में बनाया गया. इसमें एशिया की सबसे ऊंची और 54 टन भारी तलवार भी रखी गई है.
  • श्री राम तीर्थ मंदिर- ये मंदिर भगवान श्री राम और माता सीता के जुडवा बच्चे लव और कुश को समर्पित है. पुराणों की मानें तो जब भगवान राम ने अश्वमेघ यज्ञ किया था तो उनके अश्वमेघ के घोड़े को उनके बेटे लव-कुश ने पकड़कर एक पेड़ से बांधा था. यहां दीवाली के 15 दिन बाद 5 दिन के एक मेले का आयोजन किया जाता है जहां लगभग एक लाख से भी ज्यादा श्रद्धालु आते हैं.

अमृतसर घूमने के बाद अगर आप यहां कुछ दिन और रुकना चाहते हैं यहां लो-बजट से लेकर हाई-बजट के होटल उपलब्ध हैं जिन्हें आप अपनी सुविधानुसार ले सकते हैं. अमृतसर आप फ्लाइट, ट्रेन और बस के अलावा अपने प्राइवेट व्हीकल से भी जा सकते हैं.

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