बारिश रूकने से पानी का स्तर हुआ नीचे…

गुवाहाटी. असम व पड़ोसी राज्यों में बीते एक सप्ताह से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण हालात बेहद खराब हैं. हालांकि राहत की बात है कि दो दिनों से बारिश रुक गई है.

बारिश नहीं होने से राज्य में आई बाढ़ का पानी धीरे धीरे नीचे उतरने लगा है. हालांकि पानी उतरने से बाढ़ की स्थिति में कोई फर्क नहीं पड़ा है. स्थिति अब भी खतरनाक बनी हुई है.

बारिश की वजह से ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया था. बुधवार को जारी राज्य आपदा प्रबंधन विभाग (Disaster Management Department) के आंकड़ों के अनुसार अब भी राज्य के 33 जिलों में से 29 जिलों में बाढ़ का विकराल रूप देखा जा रहा है. बाढ़ से 57 लाख 51 हजार 938 लोग प्रभावित हुए हुए हैं.

गुरुवार सुबह नौ बजे जारी केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों पर गौर करें तो ब्रह्मपुत्र नद का पानी अधिकांश इलाकों में खतरे के नीचे आ गया है. 

अरुणाचल प्रदेश के पासीघाट में वर्तमान में नद का जलस्तर 152.84 है, जबकि खतरे का स्तर 153.96 है. इसी तरह डिब्रूगढ़ में 104.70 है.

जबकि खतरे का निशान 105.7 है. निमातीघाट में 85.80 खतरे का निशान 85.4 है. नुमलीगढ़ में जलस्तर 77.83 है, खतरे का स्तर 77.42 है. 

इसी तरह धनसिरीमुख में 75.96 है, खतरे का स्तर 75 है. तेजपुर में जलस्तर 65.54 है, खतरे का स्तर 65.23 मीटर है. 

गुवाहाटी में भी ब्रह्मपुत्र नदी (Brahmputra) के जलस्तर में काफी गिरावट देखने को मिली है. अगर आने वाले दिनों में बारिश नहीं होती है, तो बाढ़ का पानी तेजी से नीचे उतरेगा.

राज्य सरकार के निर्देश पर बाढ़ प्रभावित इलाकों में सेना, एनडीआरएफ (NDRF), एसडीआरएफ, नागरिक प्रशासन और स्थानीय पुलिस राहत व बचाव कार्य को अंजाम देने में जोर-शोर से लगी हुई है. 

वहीं बाढ़ में फंसे लोगों को भी सकुशल बाहर निकालने की कवायद जारी है. बुधवार तक बाढ़ से 30 लोगों के मरने की आधिकारिक पुष्टि हुई है.

हिन्दुस्थान समाचार/अरविंद

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