कभी पिता के साथ साइकिल की दुकान पर बैठते थे प्रोटेम स्पीकर वीरेंद्र कुमार

  • लोकसभा के प्रोटेम स्पीकर के लिए बरेली से सांसद संतोष गंगवार और सुल्तानपुर से सांसद मेनका गांधी के नाम सामने आए थे
  • वीरेंद्र कुमार मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ से लोकसभा सांसद हैं. इससे पहले वीरेंद्र कुमार ने चार लोकसभा चुनाव मध्य प्रदेश की सागर लोकसभा सीट से जीता है

नई दिल्ली. आज से 17वीं लोकसभा का सत्र शुरू हो गया है. इस सत्र में तीन तलाक समेत कई अहम बिलों और 5 जुलाई को पेश होने जा रहे आम बजट पर भी निगाहें होंगी. ये सत्र 26 जुलाई तक चलेगा.

आज लोकसभा सत्र शुरू होने से पहले सांसद वीरेंद्र कुमार ने सोमवार सुबह प्रोटेम स्पीकर के तौर पर शपथ ली. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उन्हें शपथ दिलाई. वीरेंद्र कुमार ही अब सभी नए लोकसभा सांसदों को शपथ दिला रहे हैं.

वीरेंद्र कुमार मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ से लोकसभा सांसद हैं. इससे पहले वीरेंद्र कुमार ने चार लोकसभा चुनाव मध्य प्रदेश की सागर लोकसभा सीट से जीता है.

वीरेंद्र कुमार बचपन में परिवार का भरण-पोषण करने के लिए अपने पिता के साथ साइकिल की दुकान पर बैठते थे. अपनी सादगी के लिए मशहूर कुमार आपातकाल में 16 महीने जेल की सलाखों के पीछे भी रहे हैं.

1980 के दशक में आरएसएस के छात्र संगठन एबीवीपी में सक्रिय कुमार साइकिल की दुकान चलाते थे. आज भी वह टीकमगढ़-सागर जिले में स्कूटर से घूमते हुए मिल जाते हैं.

लोकसभा सत्र की शुरुआत 17 जून से हो रही है. पहले दो दिनों में नए सांसदों के शपथ लेने के बाद 19 जून को अध्यक्ष का चुनाव किया जाएगा. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद 20 जून को संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करेंगे.

27 फरवरी, 1954 को जन्मे वीरेंद्र कुमार 1996 में सागर से 11वीं लोकसभा में पहली बार सांसद बने. तब से उन्होंने कभी भी पीछे मुड़कर नहीं देखा और 2004 तक सागर से जीते. परिसीमन के बाद उन्होंने 2009 और 2014 में टीकमगढ़ लोकसभा सीट से चुनाव जीता.

छह चुनाव सिर्फ तीन साल के अंतराल में हुए थे 1996, 1998 और 1999. प्रतिष्ठित डॉ. हरि सिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर से अर्थशास्त्र में एमए और चाइल्ड लेबर में पीएचडी वीरेंद्र कुमार ने अपना करियर RSS कार्यकर्ता के रूप में शुरू किया था. उन्होंने 1975 में लोकनायक जय प्रकाश नारायण द्वारा शुरू किए गए आंदोलन में सक्रिय रूप से भाग लिया था.

पीएम मोदी के नेतृत्व वाली पहली सरकार में वो अल्पसंख्यक मंत्रालय एवं महिला एवं बाल विकास मिनिस्ट्री में राज्यमंत्री थे. प्रोटेम स्पीकर को लोकसभा के नियमित स्पीकर के चुनाव से पहले कामकाज को अंजाम देने के लिए नियुक्त किया जाता है.

प्रोटेम स्पीकर सदन के सबसे सीनियर सदस्य को बनाया जाता है. प्रोटेम स्पीकर ही सदन में नए चुनकर आए सदस्यों को शपथ दिलाते हैं.

Trending Tags- BJP MP Virendra Kumar | Bjp News in Hindi Today| Hindi Samachar

1 thought on “कभी पिता के साथ साइकिल की दुकान पर बैठते थे प्रोटेम स्पीकर वीरेंद्र कुमार”

  1. Pingback: 메이저토토

Leave a Reply

%d bloggers like this: