कांग्रेस के इस नेता ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को लिखा पत्र, लॉकडाउन से प्रभावित लोगों को राहत देने की उठाई मांग

(file photo)
Share on facebook
Facebook
Share on twitter
Twitter
Share on whatsapp
WhatsApp

शिमला. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने प्रदेश में कोरोना माहमारी के चलते लॉक डाउन से उत्पन्न लोगों की समस्याओं और उनके निदान को लेकर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को पत्र लिखा है. पत्र के जरिए लॉकडाउन से प्रभावित किसानों, मजूदरों व आम लोगों को राहत देने की मांग उठाई गई है.

वीरभद्र सिंह ने पत्र में लिखा है कि 22 मार्च से प्रदेश में लॉक डाउन की वजह से सभी प्रकार की वाणिज्यिक, व्यवसायिक गतिविधियों के साथ-साथ कृषि, बागवानी पर इसका व्यापक बुरा असर पड़ा है. आम आदमी का जीवन भी बहुत प्रभावित हुआ है. प्रदेश की सभी स्वास्थ्य, शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाएं अस्त व्यस्त होकर रह गई है.

उन्होंने कहा है कि कांग्रेस विधायक चाहते हैं कि प्रदेश सरकार एक उच्च स्तरीय ऐसी आर्थिक विशेषज्ञ समिति का गठन करें जो प्रदेश लॉक डाउन के दौरान हुए नुकसान का जायजा लेकर अपनी एक्सपर्ट राय देते हुए प्रदेश को इससे उभरने की कोई ठोस रणनीति का प्रस्ताव प्रस्तुत करें, जिससे प्रदेश की विगड़ती वित्तीय स्थिति में सुधार हो सकें.

पत्र में सरकार का कई बिदुओं पर ध्यान केंद्रित करते हुए प्रदेश में बेमौसमी वारिश और ओलावृष्टि से हुए फसलों के नुकसान पर भी चिंता व्यक्त की गई है. वीरभद्र सिंह ने किसानों बागवानों को तुरन्त कोई राहत देने, सब्जी उत्पादकों को न्यूनतम समर्थन मूल्य का भुगतान करने का भी आग्रह किया है, जिनकी सब्जियां या तो बाजार बंद होने या ट्रांस्पोर्टन्सन न होने से या फिर बेमौसमी वर्षा-ओलावृष्टि से खराब हुई हैं.

उन्होंने कहा कि आम, लीची, चेरि, आड़ू, पलम, खुमानी जैसे अनेक फलों की फसल भी आज चैपट हो चुकी है, इन्हें भी राहत के साथ कोई आर्थिक पैकेज दिया जाना चाहिए.

पत्र में कहा गया है कि कोरोना और लॉक डाउन से बाजार की व्यवस्था अस्त व्यस्त होने की वजह से लादानी और आढ़तियों के इस बार यहां आने की कम ही संभावना है. ऐसे में प्रदेश सरकार को एचपीएमसी और हिम्फेड से सेब खरीद कर उन्हें विपणन करने की पूरी व्यवस्था करनी चाहिए. इसके लिए कार्टन बॉक्स,ट्रे आदि की व्यवस्था भी अभी से की जानी चाहिए.

पत्र में बिजनेस, टूरिज्म और इंडस्ट्रीज के बिगड़े हालत पर भी चिंता प्रकट करते हुए इनके बिजली,पानी के बिल घरेलू मूल्य के आधार पर लेने को कहा गया है. साथ ही उन व्यवसायियों को जिन्होंने बैंकों से लोन आदि ले रखा है, उनकी ईएमआई एक साल के लिए स्थगित करने की मांग उठाई है.

पत्र में निजी स्कूलों के अध्यापकों और स्टाफ को लॉक डाउन अवधि के वेतन का भुगतान सरकार को करने तथा औद्योगिक क्षेत्र में काम बंद होने से बेरोजगार कामगारों को बेरोजगारी भत्ता देने की मांग की गई है.

वीरभद्र सिंह से कहा है कि विपक्षी दल होने के नाते कांग्रेस ने इस आपदा के समय एकजुटता से पनी सकरात्मक भूमिका निभाई है. उनका कहना है कि जनहित में कांग्रेस के इन सुझावों पर कार्य करना चाहिए, जिससे प्रदेश के लोगों को इस कठनाई के समय कोई राहत मिल सकें.

हिन्दुस्थान समाचार/उज्जवल