हथियार छीनकर भागने की कोशिश में था विकास दुबे, ऐसे खत्म हुई गैंगेस्टर की कहानी

नई दिल्ली. उत्तर प्रदेश के कानपुर में दो जुलाई को हुए गोलीकांड में आठ पुलिसवालों को मारने वाला गैंगस्टर एनकाउंटर में मारा गया है…दरअसल, उज्जैन से गिरफ्तार विकास दुबे को यूपी एसटीएफ कानपुर ला रही थी… यहां कानपुर देहात में अचानक एसटीएफ की वो गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो जाती है, जिसमें विकास दुबे सवार होता है.

दस मिनट के एनकाउंटर में विकास की कहानी खत्म- इसके बाद शुरू होता है एनकाउंटर, जो 10 मिनट बाद ही विकास दुबे की मौत पर खत्म हो जाता है.. इस मुठभेड़ में चार सिपाही भी घायल हो जाते हैं… अब हम आपको सिलसिलेवार बताते हैं कि विकास दुबे की गिरफ्तारी से लेकर उसकी मौत तक की कहानी…

उज्जैन महाकाल मंदिर से किया गया गिरफ्तार- विकास दुबे को आखिरी बार फरीदाबाद में देखा गया था, पुलिस उसे तलाश रही थी…कानपुर गोलीकांड के सात दिन बाद 9 जुलाई को गैंगस्टर विकास दुबे ने फिल्मी अंदाज में मध्यप्रदेश के उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर गया और वो वहां पर अरेस्ट कर लिया गया.. गिरफ्तार के समय भी उसकी अकड़ इतनी थी कि वो चिल्ला- चिल्लाकर कह रहा था जानते हो मैं विकास दुबे हूं कानपुर वाला…..

SIS सिक्योरिटी एजेंसी के गार्ड ने किया पुलिस के हवाले- SIS सिक्योरिटी एजेंसी के गार्ड ने विकास दुबे को पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया…शाम होते-होते यूपी एसटीएफ की टीम उज्जैन पहुंची और ट्रांजिट के लिए उसे कानपुर लाया गया… लेकिन गिरफ्तारी के 24 घंटे के भीतर ही विकास दुबे को अपने कर्मों की सजा मिल गई…

विकास ने की पुलिसवालों पर फायरिंग- शुक्रवार सुबह करीब 7.15 मिनट पर कानपुर के बर्रा थाना क्षेत्र में एसटीएफ की कार पलटी…जब तक एसटीएफ काफिले में शामिल बाकी दो गाड़ियां रुकतीं, तब तक दुर्घटनाग्रस्त कार से विकास दुबे निकला और पिस्टल लेकर फायरिंग करते हुए भागने की कोशिश करने लगा…

Encounter में विकास को लगी पुलिस की गोली –एसटीएफ (STF) के जवानों ने मुस्तैदी दिखाते हुए मोर्चा संभाला.. पुलिसकर्मी उसके पीछे भागे…दोनों तरफ से फायरिंग हुई और विकास दुबे को गोली लगी, कई पुलिसकर्मी भी घायल हो गए…करीब 7.25 मिनट पर एनकाउंटर खत्म हो गया….

भागने की फिराक में था विकास, मारा गया- विकास और पुलिसकर्मियों को हॉस्पिटल ले जाया गया…वहां पर डॉक्टरों ने विकास दुबे को मृत घोषित कर दिया… एसएसपी के मुताबिक, इस मौके का फायदा उठाकर विकास दुबे भागने की फिराक में था. इससे पहले गुरुवार को लखनऊ में विकास दुबे की पत्नी को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया..

आठ पुलिसकर्मियों की हत्या का आरोप- कानपुर के बिकारू गांव के रहने वाले विकास दुबे पर आठ पुलिसकर्मियों की निर्मम हत्या का आरोप था….पुलिस टीम उस पर दबिश देने गई थी, तभी पहले से घात लगाए विकास दुबे और उसके गुर्गों ने हमला बोल दिया था… 200 से 300 राउंड की फायरिंग की गई.

इस दौरान सीओ देवेंद्र मिश्रा समेत आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे….जिसके बाद विकास दुबे और उसके गुर्गे फरार हो गए…गुरुवार को विकास पकड़ा गया… और शुक्रवार सुबह विकास दुबे का किस्सा खत्म हो गया….

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