यूपीः कानपुर में नौनिहालों ने पीएम राहत कोष में दिया दान, पुलिसकर्मियों को सौंपी अपनी गुल्लक

कानपुर, यूपी।

उत्तर प्रदेश के कानपुर में पुलिसकर्मियों का ताली बजाकर किया. लोगों ने इस महामारी के मुश्किल वक्त में पुलिसकर्मियों. स्वास्थ्य कर्मियों और सफाई कर्मियों के कार्य की सराहना की. वहीं छोटे-छोटे बच्चों ने पुलिसकर्मियों को अपनी गुल्लक के पैसे तक दान कर दिए.

इस महामारी से निपटने के लिए हर कोई अपनी क्षमता के अनुसार दान दे रहा है. कानपुर के मासूम भी इसमें पीछे नहीं हैं. उन्होंने अपनी गुल्लक के पैसे पुलिसकर्मियों को दान में देते हुए कहा कि इन्हें मोदी अंकल और योगी अंकल को दे देना. ताकि वो इससे गरीबों को खाना खिला सकें.  

कानपुर के रावतपुर गांव इलाके में पुलिस लॉकडाउन का पालन करवाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है. सुबह से ही पुलिस गश्त करने लगती है. आज जब पुलिसकर्मी गश्त पर निकले तो लोगों उन्हें फूल मालाएं भेंट की. कुछ ही दूरी पर काम कर रहे सफाईकर्मियों को भी लोगों ने नाश्ता और फूल मालाएं भेंट कर उनका भी आभार व्यक्त किया.

संकट की घड़ी में इन कर्मयोद्धाओं का आभार व्यक्त करते हुए सभी ने पुलिस कर्मियों को लॉकडाउन का पालन करने वचन दिया. पुलिस कर्मियों ने भी इलाकाई लोगों को सोशल डिस्टेसिंग का पालन करते हुए सभी से घरों में रहने की अपील की. कुछ ही देर बाद वहां इलाके के छोटे छोटे बच्चे भी आ गए.

रावतपुर गांव इलाके में सुबह कुछ बच्चे अपनी सेविंग के पैसों की गुल्लक लेकर पुलिसकर्मियों के पास पहुंच गए. बच्चों ने पुलिसकर्मियों को अपनी अपनी गुल्लक सौंपते हुए उसे राहतकोष में पहुंचाने की अपील की. बच्चों के इस समपर्ण को देख पुलिसकर्मियों ने तालियां बजाकर उनका स्वागत किया.

इस दौरान नन्हे मुन्हे बच्चों से जब बात की गई तो उन्हों ने जो बाते कहीं वो हर किसी के दिल को छू गई. 8 साल की बच्ची गीत कौर ने बताया कि कोरोना से पूरा देश लड़ रहा है. ऐसे में सभी को सावधानी बरतनी चाहिए. गीत कौर ने कहा कि वो अपनी सेविंग के पैसे राहतकोष में इसलिये दे रही है ताकि कोरोना से लड़ा जा सके.

6 साल की मासूम वैभव गौस्वामी को लॉकडाउन के चलते गांव में फंसे अपने पापा की चिंता सता रही है. राहत कोष में दान देने के लिए अपनी गुल्लक लेकर पहुंची वैभव ने कहा कि मोदी और योगी अंकल मेरी सेविंग के पैसे ले लीजिए और जल्दी से कोरोना को खत्म कर के सबको ठीक कर दीजिए.

उसने कहा कि मेरे पापा की दवा खत्म हो गई है और वो लॉकडाउन की वजह से दवा लेने नही आ पा रहे. 5 साल के मासूम आलोक ने कहा कि वो अपनी सेविंग के पैसे इसलिए दे रहा है. क्योंकि बहुत से लोग भूखे सोते हैं. तो उसके पैसों से कुछ लोगों को खाना मिल जाएगा.

हिन्दुस्थान समाचार/राज मिश्रा

Leave a Reply

%d bloggers like this: