ट्रंप और बाइडन के बीच तीन में से पहली डिबेट में परस्पर तीखे प्रहार

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– ट्रम्प अनेक मुद्दों पर बाइडन पर हावी रहे, माडरेटर बीच बचाव करते रहे
– अमेरिकी मीडिया: प्रेज़िडेंशियल
डिबेट गरिमापूर्ण नहीं रही

ललित मोहन बंसल

लॉस एंजेल्स, 30 सितम्बर (हि.स.). अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव-2020 से पूर्व रिपब्लिकन डोनाल्ड ट्रम्प और डेमोक्रेट पूर्व उप राष्ट्रपति जोई बाइडन के बीच 90 मिनट की पहली प्रेज़िडेंशियल डिबेट में घरेलू मुद्दों में मुख्यतया कोविड से दो लाख अमेरिकी नागरिकों की मृत्यु, घरेलू हिंसा, ब्लैक लाइव मैटर, हेल्थ इंशोरेंस और बेरोजग़ारी सहित सुप्रीम कोर्ट न्यायमूर्ति एमी कोने बैरट की नियुक्ति को लेकर ताबड़तोड़ परस्पर तीखे प्रहार किए गए.

प्रेज़िडेंशियल चुनाव से पूर्व यह पहली ऐसी डिबेट थी, जिसमें दोनों ही उम्मीदवारों ने शारीरिक दूरी का ख्याल रखते हुए परस्पर हाथ नहीं मिलाए. इस डिबेट को अमेरिका में ही नहीं, दुनिया के करोड़ों लोगों ने देखा. अमेरिकी मीडिया में जानकारों की इस डिबेट के प्रति आम धारणा सम्माजनक नहीं थी.

इस डिबेट में डोनाल्ड ट्रम्प आक्रामक रहे, तो दोनों ने एक दूसरे पर पारिवारिक रिश्तों पर कटाक्ष किए. ट्रम्प ने कहा कि उन्हें अपने कामों के आधार पर व्हाइट हाउस में चार साल और चाहिए, जबकि बाइडन ने कहा कि ट्रम्प को चार साल और दिए जाने का अर्थ देश को आर्थिक दृष्टि से कमज़ोर करना, नस्लीय भेदभाव से देश को दो भागों में विभाजित करना और देश को घनघोर संकट की ओर ले जाना होगा. बाइडन ने ट्रम्प को नस्लीय बताया तो ट्रम्प ने कहा कि बाइडन ने 47 वर्षों तक सिनेटर और उप राष्ट्रपति पद के रूप में रहते हुए कोई बड़ा काम नहीं किया.

ट्रम्प ने 2016-17 में केवल 750 डालर फ़ेडरल आय कर जमा कराए जाने के आरोप को बेबुनियाद बताया. उन्होंने कहा कि उन्होंने लाखों डालर के कर जमा कराए हैं. ट्रम्प ने जोई बाइडन के पुत्र हंटर बाइडन के बारे में कथित भ्रष्टाचार को लेकर तीखी टिप्पणी की तो वहीं पेरिस कलाइमेट चेंज से हटने के निर्णय को देश हित में बताया. उन्होंने कहा कि वह यों भी निर्मल जल और स्वच्छ वायु देने के लिए कटिबद्ध हैं.

प्रेज़िडेंशियल इलेक्शन कमीशन की ओर से नियुक्त क्रिस वैलेस ने ट्रम्प और बाइडन, दोनों से सवालों के जवाब देने के लिए दो-दो मिनट का समय दिया. पहला सवाल ट्रम्प से पूछा गया.

सुप्रीम कोर्ट न्यायमूर्ति की नियुक्ति में जल्दबाज़ी पर ट्रम्प ने कहा कि उन्होंने यह कदम संवैधानिक अधिकारों के तहत उठाया है, वुहान से उभरे चीनी संक्रमण पर दो लाख लोगों की मृत्यु पर कहा कि उनके प्रशासन के कड़े निर्देशों से बीसों लाख लोगों को मरने से बचा लिया गया, जबकि उनका प्रशासन कोविड इंजेक्शन तैयार करने में भरसक प्रयास कर रहा है.

उन्होंने भरोसा दिलाया कि एक नवम्बर तक वैक्सीन आ जाएगी. इसके लिए मिलिट्री की जिम्मेदारी लगा दी गई है, जो प्रतिदिन दो लाख वैक्सीन वितरित की जा सकेगी, जबकि बाइडन ने कहा कि उन्हें ट्रम्प की बात पर कोई भरोसा नहीं है.

अमेरिकी इकॉनमी की स्थिति पर ट्रम्प ने कहा कि ‘चीनी प्लेग’ से पूर्व इकॉनमी बेहतर स्थिति में थी, लेकिन उन्होंने अफ़सोस जताया कि उनकी ‘वी’ आकार इकॉनमी सुधार के उपायों में बाज़ार, दफ़्तर, स्कूल और कालेज खोलने की प्रक्रिया पर ज़ोर दिया जबकि डेमोक्रेट राज्यों में सतत लॉकडाउन की प्रक्रिया अपना कर देश की इकॉनमी को ख़तरे में डाला जा रहा है. ट्रम्प ने कहा कि ओबामा काल में मंदी के बाद इकॉनमी मंद गति से बढ़ी, जबकि उनके सत्ता में आते ही इकॉनमी उछाल मारने लगी. लाखों लोगों को रोजग़ार दिए गए.

हिन्दुस्थान समाचार/बच्चन