कुशवाहा का मोदी कैबिनेट से इस्तीफा

राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के उपेंद्र कुशवाहा ने संसद का शीतकालीन सत्र शुरू होने से पहले एनडीए एलायंस से अपना नाता तोड़ लिया है . उपेन्द्र कुशवाहा के इस फैसले से बिहार की राजनिति का गणित बिगड़ सकता है.
कुशवाहा पिछले कुछ हफ्तों से भाजपा और उसके अहम सहयोगी दल के नेता, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साध रहे हैं. कुशवाहा लोकसभा चुनाव में दो से ज्यादा सीटें नहीं मिलने के कारण बीजेपी से नाराज़ चल रहे है. वहीं दूसरी ओर बीजेपी और जेडीयू के बीच बराबर-बराबर सीटों पर चुनाव लड़ने की सहमति बनी है.

रालोसपा विपक्ष से हाथ मिला सकती है जिसमें लालू प्रसाद की राजद और कांग्रेस शामिल है. इस बार संसद का शीतकालीन सत्र 11 दिसंबर से शुरू हो रहा है. साल 2014 के लोकसभा चुनाव में कुशवाहा की पार्टी आरएलएसपी ने एनडीए के साथ एलायंस किया था.
जिसके प्नभाव के चलते अपने दम पर महज 3 प्रतिशत वोट ही बटोर पाये थे. जबकि नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू ने 2014 के चुनाव में अकेले 15 प्रतिशत वोट शेयर हासिल किया था. कई राजनितिक विश्लेषकों का मानना है कि इसी वजह से इस बार के सीट बंटवारें में कुशवाहा को ज्यादा तवज्जों नही दी गई.
 

कुशवाहा इससे पहले बिहार में एनडीए के खिलाफ चुनाव लड़ेने के भी संकेत दे चुके हैं. हाल ही में उन्होंने कहा था कि लोग हमारे भविष्य की रणनीति को लेकर आस लगाए बैठे हैं. उनको मैं एक बात साफ कर देना चाहता हूं कि समझौता करने के उनके सभी प्रयास बेकार हो चुके है.
मंत्रिमंडल से इस्तीफा देने के बाद कुशवाहा ने कहा कि मैं कहां जाउंगा इसका फैसला मेरी पार्टी को लेना है  फिलहाल हम एनडीए से अलग हो गए है. एनडीए छोड़ने के बाद अब हमारे पास सारे कई विकल्प मौजूद हैं.
उन्होंने  कहा कि मेरे लिए अकेले चुनाव लड़ने रास्ता खुला हुआ है और तीसरे मोर्चे का भी विकल्प खुला है लेकिन मैं इस पर फैसला अपनी पार्टी के नेताओं से बातचीत के बाद ही लूंगा. इसके साथ ही कुशवाहा ने कहा कि वो बिहार की काराकाट सीट से ही लोकसभा का चुनाव लड़ेंगे.
उन्होंने कहा कि सरकार में सोशल जस्टिस की अनदेखी की गई है . विपक्ष की बैठक में जाने के सवाल पर कुशवाहा ने कहा कि मैं अभी कहीं नहीं जा रहा हूं. अभी चुनाव में वक्त है. इसलिए मैं फैसला लेने में कोई जल्दबाजी नहीं करूंगा.
अपने बयान में कहा कि मैं केंद्र में मंत्री रहने के दौरान भी कई मुद्दे उठाता रहा जिसमें कॉलेजियम भी शामिल है .लेकिन मेरी बातों की लगातार अनदेखी की गई. कांग्रेस में जाने के सवाल पर कुशवाहा ने कहा कि राहुल गांधी से मिलने का कोई समय नहीं लिया है.
कुशवाहा ने कहा कि मेरी पार्टी को बर्बाद करने की लगातार साजिश चल रही है. जेडीयू और बीजेपी दोनों तोड़ने की कोशिश की जा रही है. पार्टी के विधायकों को लोग प्रलोभन देकर अपनी तरफ खींचने की भरपूर कोशिश कर रहे है.

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