चिंगारी का खेल बुरा होता है: गिरिराज

आलोक नंदन शर्मा
पटना, 19 जुलाई. अपने बेबाक बोल के लिए चर्चा में रहने वाले केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह कभी-कभी घुमावदार राह भी अपनाने से गुरेज नहीं करते हैं.

लगता है वक्त की नजाकत को समझते हुये सियासत की नब्ज पकड़ना उन्हें आ गया है. उन्होंने शुक्रवार को अपने ट्विटर पर इशारों-इशारों में कुछ कहने की कोशिश की है.

सियासी गलियारों में इसके निहितार्थ निकाले जा रहे हैं. उन्होंने अपने ट्वीट में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी की वाजपेयी की कविता का एक अंश लिखा है- ‘साजिश करने वालों से कह दो कि चिंगारी का खेल बुरा होता है.’

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इसके साथ ही उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी की अपनी इस प्रसिद्ध कविता को पढ़ते हुये एक वीडियो भी साझा किया है.

जानकार उनके इस ट्वीट को बिहार सरकार की विशेष शाखा द्वारा आरएसएस और उसके 18 सहयोगी संगठनों के पदाधिकारियों से संबंधित जानकारी जुटाने के लिए लिखे गये एक पत्र के साथ जोड़ कर देख रहे हैं.

इस ट्वीट के निहितार्थ के बारे में पूछने पर उन्होंने मीडिया से सिर्फ इतना ही कहा कि कार्यकर्ताओं में नाराजगी है. उन्होंने अपनी नाराजगी इसी कविता के माध्यम से व्यक्त की थी जिसे उन्होंने ट्वीट करके सबके साथ साझा कर दिया है.

जानकारों का कहना है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ गिरिराज सिंह के संबंध में उतार चढ़ाव आते रहे हैं. दूसरी बार केंद्रीय मंत्री बनने के बाद गिरिराज सिंह बिहार की सियासत को लेकर कुछ ज्यादा ही महत्वकांक्षी हो गये हैं.

बिहार में भाजपा के अंदर एक धड़ा ऐसा भी है जो 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में नीतीश कुमार के बगैर ताल ठोकने का तानाबाना बुन रहा है.

जानकारों का कहना है कि खुद गिरिराज सिंह भी यही चाह रहे हैं कि अब बिहार में भाजपा नीतीश कुमार का दामन पकड़कर सत्ता में भागीदारी हासिल करने की बजाय अपनी ताकत पर हुकूमत की लगाम थामने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाए.

गौरतलब है कि केंद्र में गिरिराज सिंह के दोबारा मंत्री बनने के बाद उनको बिहार के भावी मुख्यमंत्री के तौर पर पेश करते हुये सोशल मीडिया पर मुहिम चलाई जा रही है.

केंद्रीय मंत्रिमंडल में जदयू के शामिल होने से इंकार के बाद से ही बिहार में भाजपा और जदूय के बीच रिश्तों में तल्खी आने की खबरें लगातार आती रही हैं.

जानकारों का कहना है कि ऐसे में आरएसएस और उसके 18 सहयोगी संगठनों के पदाधिकारियों की विशेष शाखा से सूची तैयार करने की खबर को जिस तरह से पहली बार अंग्रेजी मीडिया में प्रेषित किया गया और अब उसे हवा दी जा रही है उससे इतना तो स्पष्ट है कि सबकुछ योजनाबद्ध तरीके से हो रहा है.

लेकिन अभी यह कह पाना मुश्किल है कि इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं और इसका मकसद क्या है. बहरहाल जब इस संबंध में गिरिराज सिंह से पूछा गया तो उन्होंने छूटते ही कहा कि बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी हैं. यह सवाल उन्हीं से पूछा जाना चाहिए. हिन्दुस्थान समाचार/आलोक

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