अब United Nations ने भी भारत का जीडीपी ग्रोथ अनुमान घटाकर 5.7 फीसदी किया

  • गौरतलब है कि इसके पहले विश्‍व बैंक जैसी कई अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां भी पहले ही भारत के जीडीपी ग्रोथ के अनुमान को घटा चुकी हैं
  • व्यापारिक तनाव, वित्तीय उठा-पटक या भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने से चीजें पटरी से उतर सकती हैं. भारत के बारे में रिपोर्ट में कहा गया है कि चालू वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि दर 5.7 फीसदी रह सकती है

नई दिल्‍ली, 17 जनवरी (हि.स.). संयुक्‍त राष्‍ट्र संघ (यूएन) ने भी भारत के जीडीपी ग्रोथ अनुमान को घटा दिया  है. यूएन ने गुरुवार देर रात जारी रिपोर्ट में कहा कि मौजूदा वित्त वर्ष 2019-20 में भारत की आर्थिक वृद्धि दर 5.7 फीसदी रह सकती है.

गौरतलब है कि इसके पहले विश्‍व बैंक जैसी कई अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां भी पहले ही भारत के जीडीपी ग्रोथ के अनुमान को घटा चुकी हैं.

संयुक्त राष्ट्र संघ के भारत की आर्थिक वृद्धि दर का मौजूदा अनुमान पूर्व के अनुमान से कम है. संयुक्त राष्ट्र के एक अध्ययन में कहा गया है कि कुछ अन्य उभरते देशों में जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) वृद्धि दर में इस साल कुछ तेजी आ सकती है.

उल्‍लेखनीय है कि पिछले वर्ष वैश्विक आर्थिक वृद्धि दर सबसे कम 2.3 फीसदी रहने के बाद यूएन ने यह बात कही है. संयुक्त राष्ट्र विश्व आर्थिक स्थिति और संभावना (डब्ल्यूईएसपी)-2020 के मुताबिक 2020 में 2.5 फीसदी वृद्धि की संभावना है.

व्यापारिक तनाव, वित्तीय उठा-पटक या भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने से चीजें पटरी से उतर सकती हैं. भारत के बारे में रिपोर्ट में कहा गया है कि चालू वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि दर 5.7 फीसदी रह सकती है.

हालांकि, डब्ल्यूईएसपी 2019 में इसके 7.6 फीसदी रहने का अनुमान जताया गया था. अगले वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि दर 6.6 फीसदी रहने का अनुमान जताया गया जबकि पूर्व में इसके 7.4 फीसदी रहने की बात कही गई थी. रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि भारत की जीडीपी वृद्धि दर पिछले वित्त वर्ष में 6.8 फीसदी रही.
हिन्‍दुस्‍थान समाचार/प्रजेश शंकर 

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