UGC NET (File Photo)
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यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमिशन (UGC) ने जम्मू के स्टूडेंट्स को कहा है कि वो जम्मू कश्मीर में पीओके (PoK) स्थित यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में दाखिला न लें.

UGC ने स्टूडेंट्स को ये सलाह दी है. ये सलाह खासतौर से स्टूडेंट्स के लिए एक एडवाइजरी जारी कर दी गई है. PoK पाक अधिकृत कश्मीर को कहा जाता है.

UGC के सचिव रजनीश जैन ने मीडिया को बताया कि पाक अधिकृत कशमीर भारत का महत्वपूर्ण अंग है. पीओके में कई एजुकेशनल इंस्टीट्यूट, मेडिकल कॉलेज, यूनिवर्सिटी वगैरह हैं.

इन्हें भारत सरकार ने स्थापित नहीं किया है. इन्हें यूजीसी, राज्य सरकार, एआईसीटीई, भारतीय चिकित्सा परिष्द जैसे इंस्टीट्यूट से कोई मान्यता नहीं मिली हुई है.

उन्होंने कहा कि स्टूडेंट्स को इसकी जानकारी इसलिए दी जा रही है क्योंकि आजाद जम्मू कश्मीर, गिलगिट बाल्टिस्तान जैसे यूनिवर्सिटी को अभी भारत सरकार ने मान्यता नहीं दी है.

इसके अलावा पाक के कब्जे वाले किसी भी कॉलेज, यूनिवर्सिटी में एडमिशन लेने के लिए भी मना किया गया है. एक मीडिया रिपोर्ट की मानें तो हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष मीरवाइज उमर फारूक ने यूजीसी के इस निर्देश पर सवाल भी उठाए हैं.

उन्होंने आरोप लगाया कि यूजीसी शिक्षा का राजनीतिकरण करता है. उन्होंने कहा कि दुनिया में कहीं भी शिक्षा लेना छात्रों का मौलिक अधिकार है, जिसे यूजीसी रोक रहा है. यूजीसी स्टूडेंट्स के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन कर रहा है.

आमतौर पर कश्मीर घाटी के स्टूडेंट्स पाकिस्तानी कॉलेजों में एडमिशन लेते हैं. ये एडमिशन खासतौर से मेडिकल कोर्सेज में दिए जाते हैं. वैसे कश्मीरी स्टूडेंट्स के लिए पाकिस्तान के कॉलेजों में स्पेशल कोटा भी दिया जाता है.