उबर का बड़ा कदम, कंपनी में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए किया ये काम

नई दिल्ली.उबर ने महिलाओं को बढ़ावा देने के लिए एक अहम कदम उठाया है.दरअसल उबर ने अपने बड़े-बड़े अधिकारियों को आदेश दिया है कि अगर उन्हें सैलरी ग्रोथ और प्रदर्शन को बढ़ाना है तो उन्हें ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को नौकरी पर हायर करना होगा.

उबर का ऐलान-

उबर का कहना है कि कंपनी की विवधता को बढ़ाइए और ज्यादा से ज्यादा सैलरी में ग्रोथ पाएं.उबर की नई पॉलिसी के अनुसार महिलाओं को ज्यादा से ज्यादा नौकरी देने वाले अधिकारियों को ज्यादा सैलरी ग्रोथ और भत्ता दिया जाएगा.

उबर ने ये कदम कंपनी में विवधता बढ़ाने को देखते हुए उठाया है.अपनी 2019 की विविधता रिपोर्ट को जारी करते हुए उबर ने कहा था कि हमारे कॉरपोरेट ऑफिस से लेकर दुनियाभर के ड्राइवर पार्टनर तक विवधता हमारी सबसे बड़ी पूंजी है. कंपनी में विविधता हढ़ाने के लिए हम लगातार नई-नई कोशिश कर रहे हैं.

महिलाओं की भागीदारी ज्यादा करने के लिए उठाया कदम-

इस पॉलिसी के चलते ही उबर ने साल 2022 तक कंपनी के बड़े अधिकारियों में महिलाओं की संख्या 35 प्रतिशत तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा है.लेकिन ऐसा कर पाना कंपनी के लिए थोड़ा मुश्किल होता जा रहा है.यही कारण है कि उबर ने अब इस नई पॉलिसी को जारी किया है.
कंपनी ने निचले स्तर में काम में कमजोर कर्मचारियों की संख्या में 14 फीसदी की बढ़ोत्तरी करने का लक्ष्य रखा है.आपको बता दें कि उबर की पूर्व सीईओ ट्रेविस कालानिक के ऊपर सेक्सुअल हरासमेंट के आरोप लगने के बाद उनको अपना पद छोड़ना पड़ा था.इसके बाद कंपनी को भारी नुकसान भी उठाना पड़ा था.

कंपनी की चौरफा आलोचना-

इस मामले के बाद कंपनी की चौरफा आलोचना हुई थी.इॉजिसके चलते साल 2017 में पूर्व अमेरिकी अटॉर्नी जनरल एरिक होल्डर को उबर की जेंडर पॉलिसी की जांच के रखा गया था. इस जांच के बाद 20 लोगों को कंपनी से निकाल दिया गया था. यहीं कारण है कि कंपनी ने अपनी पॉलिसी में बदलाव किया है. ताकि उसकी छवि सुधार सके.

कंपनियों ने उठाये ये कदम-

कंपनी में महिलाओं की ज्यादा भागीदारी के लिए इससे पहले भी कई कंपनियां ऐसे कदम उठा चुकी हैं.माइक्रोसॉफ्ट और लिंक्डइन जैसी कंपनियां पहले ऐसे कई कदम उठा चुकी हैं.इन दोनों ही कंपनियों में 30 जून 2018 तक 28 फीसदी महिलाएं काम कर रही थी. जो साल 2017 के मुकाबले सिर्फ 1 फीसदी तक की ज्यादा है.

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