मैच फिक्सिंग में दो और खिलाड़ियों पर गिरी गाज़, कोहली की टीम का रहे खिलाड़ी गिरफ्तार

भारतीय क्रिकेट पर एक बार फिर से फिक्सिंग का साया मंडराया है. इस बार कर्नाटक प्रीमियर लीग में स्पॉट फिक्सिंग किए जाने की खबर है. इस मामले में बुधवार को एक खिलाड़ी का नाम सामने आने के बाद अब एक दिन बाद दो और क्रिकेटर की गिरफ्तार हुई है.

इस लीग में स्पॉट फिक्सिंग मामले में गुरुवार को दो बड़े नाम सामने आए हैं. पुलिस ने इंडियन प्रीमियर लीग में विराट कोहली की कप्तानी वाली फ्रेंचाइजी टीम रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर टीम का हिस्सा रह चुके दो खिलाड़ियों को गिरफ्तार किया है.

घरेलू क्रिकेट में अपनी बल्लेबाजी से सबका ध्यान खींचने वाले विकेटकीपर बल्बेबाज गौतम पर फिक्सिंग करने का कलंक लगा है. पुलिस ने केपीएल 2019 के फाइनल मैच में पैसे लेकर जानबूझकर धीमी बल्लेबाजी करने के आरोप में गौतम को गिरफ्तार किया है.

गौतम ने कुल 94 फर्स्ट क्लास 58 लिस्ट ए क्रिकेट और 48 टी20 मुकाबले खेले हैं. फिक्सिंग के आरोप में हुई गिफ्तारी के बाद अब उनके शुक्रवार से शुरू हो रहे घरेलू टी20 टूर्नामेंट सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में खेलने पर संशय है.

जांच अभी भी चल रही है इसमें अभी ज्यादा कुछ बताया नहीं जा सकता है, लेकिन संदेह है कि कुछ और लोग भी इसमें शामिल हो सकते हैं. जहां गौतम को धीमी बल्लेबाजी के लिए 20 लाख रुपये मिले थे, वहीं काजी को एक ओवर में 10 से अधिक रन देने के लिए साढ़े सात लाख रुपये मिले थे.

केपीएल 2019 के फाइनल मैच में हुबली और बेल्लारी टीम के बीच स्पॉट फिक्सिंग हुई थी. इससे पहले इस लीग में फिक्सिंग को लेकर भारतीय क्रिकेटर निशांत सिंह शेखावत को भी पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है.

केपीएल में कई टीमों की ओर से खेलने वाले शेखावत पर आरोप लगा है कि वो बुकीज को खिलाड़ी और कोचिंग स्‍टाफ तक पहुंचाते थे. शेखावत शिवामोगा, मैंगलोर और हुबली टाइगर्स की ओर से खेल चुके हैं. इससे पहले बेंगलुरु ब्लास्टर्स टीम के गेंदबाजी कोच वीनू और बल्लेबाज विश्वनाथन को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया था.

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