गोवा में देर रात BJP में शामिल हुए MGP के दो विधायक

नई दिल्ली. लोकसभा चुनाव से ठीक पहले गोवा में महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी (एमजीपी) का कल देर रात बीजेपी में विलय हो गया. गोवा विधानसभा में एमजीपी के 3 विधायक हैं. इनमें से दो विधायक मनोहर अजगांवकर और दीपक पावस्कर भाजपा में शामिल हो गए.

गोवा के सीएम प्रमोद सावंत ने बताया कि बुधवार दोपहर 12 बजे गर्वनर के सामने इन दोनों को शपथ दिलाई जाएगी. इन दोनों विधायक ने रात 1:45 बजे विधानसभा अध्यक्ष माइकल लोबो को विलय पत्र सौंपा.

इस विलय पत्र में एमजीपी के तीसरे विधायक धवालिकर के हस्ताक्षर नहीं है. हालांकि धवालिकर बीजेपी के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार में डिप्टी-सीएम हैं. फिलहाल 36 सदस्यों वाले सदन में भाजपा के अब 14 विधायक हैं.

नियमों के मुताबकि दल बदल कानून के तहत अगर किसी पार्टी के दो तिहाई विधायक अलग होकर नई पार्टी बनाते हैं या किसी दल में शामिल होते हैं तो उन पर दल बदल कानून लागू नहीं होता.

एमजीपी विधायक मनोहर अजगांवकर और दीपक ने विधानसभा अध्यक्ष को एक पत्र में कहा है कि हम महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी का बीजेपी में विलय करने के लिए सहमत हुए हैं. एमजीपी में कुल तीन विधायक हैं. जिसमें हम दो-तिहाई सदस्यों ने यह फैसला किया है.

गोवा के डिप्टी स्पीकर और बीजेपी विधायक माइकल लोबो ने एमजीपी के टूटने की पुष्टि करते हुए कहा कि दो तिहाई विधायकों ने अलग पार्टी बनाकर बीजेपी में विलय कर लिया है. जिसके लिए सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं.

दोनों विधायकों के बीजेपी में शामिल होने पर गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा कि पार्टी के दो विधायक मनोहर अजगांवकर और दीपक ने बीजेपी ज्वॉइन किया है. जिससे सरकार को स्थिरता मिल सकेंगी.

गोवा के टूरिज्म मिनिस्टर और एमजीपी विधायक मनोहर अजगांवकर ने कहा कि अगली सरकार बीजेपी ही बनाएगी. क्योंकि मोदी की वजह से ही गोवा में बीजेपी का विकास हुआ है. उन्होंने कहा कि एक दलित नेता के तौर पर में खुद को एमजीपी में असुरक्षित महसूस कर रहा था.

गोवा की 40 सदस्यीय गोवा विधानसभा में इस वक्त 36 विधायक हैं पूर्व मुख्यमंत्री पर्रिकर का 17 मार्च को और एक अन्य भाजपा विधायक फ्रांसिस डिसूजा का पिछले महीने निधन हो गया था.

कांग्रेस के दो विधायकों सुभाष शिरोडकर और दयानंद सोप्टे ने पिछले साल इस्तीफा दे दिया था. विधानसभा में बीजेपी के विधायकों की संख्या 11 से बढ़कर 14 हो गई है. कांग्रेस के भी इतने ही विधायक हैं. एमजीपी 2012 से ही भाजपा की सहयोगी पार्टी रही है.

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