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राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अमेरिकी टेक कंपनियों और कंप्यूटर नेटवर्क के संरक्षण के इरादे से राष्ट्रीय आपात स्थिति घोषित कर दी है. उन्होंने बुधवार को इस आशय के कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर कर दिए.

चीन के साथ पिछले एक वर्ष से चल रहे व्यापार युद्ध को समाप्‍त करने के लि‍ए दोनों देशों में वार्ता चल रही थी, जिसमें साइबर हमले, बौद्धिक संपदा अधिकार और विदेशी टेलीकॉम नेटवर्क के हस्तक्षेप जैसे मुद्दों पर सहमति हो नहीं पा रही थी और अमेरिका बार-बार चीन से उसके कायदे-कानूनों में बदलाव लाने की मांग कर रहा था.

कार्यकारी आदेश में चीनी कंपनी हुआवे के नाम का उल्लेख नहीं है, लेकिन विश्वास किया जाता है कि चीन की एक बड़ी मोबाइल उपकरण बनाने वाली कंपनी हुआवे की ओर से पांचवीं पीढ़ी के नेटवर्क से खतरे के संकेत थे. इसके साथ ही अमेरिकी कॉमर्स डिपार्टमेंट ने एक अन्य आदेश जारी कर हुआवे कम्पनी को एंटिटी लिस्ट में शामिल कर लिया है. इसका सीधा अर्थ यह है कि अब हुआवे कंपनी फेडरल सरकार की अनुमति के बिना अमेरिकी फर्मों से तकनीकी रिश्ते कायम नहीं कर सकती है.

इस आदेश के बाद दोनों देशों के बीच व्यापार युद्ध चरम सीमा पर पहुंच गया है. इस कंपनी को लेकर एक साल से वैश्विक स्तर पर भी टेक की दुनिया में हंगामे की स्थिति बनी हुई है.

इसपर हुवावे ने कहा है कि वो अमेरिकी नेटवर्क के लिए किसी तरह का खतरा नहीं पैदा करती, क्योंकि कंपनी चीनी सरकार से आजाद है. हमें बैन करने से अमेरिका मजबूत और सुरक्षित नहीं होगा, बल्कि इससे देश को किसी दूसरे महंगे विकल्प को ढूंढना पड़ेगा.

फिलहाल ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड ने भी 5जी नेटवर्क्स पर हुवावे के उत्पादों को बैन कर दिया है.

हिन्दुस्थान समाचार/ललित