गंगा-जमुनी तहजीब की अनूठी मिसाल, दोस्त के बीमार होने से लेकर अंतिम समय तक मुस्लिम युवक ने नहीं छोड़ा उसका साथ

कोरोना संकट के बीच गंगा यमुनी तहजीब की मिसाल पेश करने वाले मुस्लिम युवक मोहम्मद याकूब को अपने दोस्त अमृत की मौत को बहुत गम है. शिवपुरी जिला चिकित्सालय से अपने दोस्त के शव के साथ उप्र के लिए रवाना होने से कुछ घंटों पहले मोहम्मद याकूब ने कहा कि काश भगवान मेरे बीमार दोस्त अमृत को सही कर देता तो दोनों एक साथ घर जाते लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था. अब उसकी लाश के साथ हमें अपने राज्य उप्र जाना पड़ रहा है.

अपनी रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद मोहम्मद याकूब ने बताया कि वे और अमृत एक फैक्ट्री में साथ-साथ काम करते थे लेकिन अब अमृत नहीं रहा तो उसे दुख है. उसने कहा कि अमृत मेरा दोस्त था इसलिए आखिरी वक्त तक मैंने उसका साथ दिया और उसे आखिरी समय तक इलाज के लिए यहां अस्पताल लाया लेकिन भगवान को कुछ और मंजूर था.

वहीं दूसरी ओर जिला प्रशासन व स्वास्थ्य महकमे की लापरवाही भी यहां पर देखने को मिली. मृतक अमृत की लाश को उसके गृह जिले में भेजने के लिए इसके परिवारजनों को घंटों इंतजार करना पड़ा.

आखिरी समय तक नहीं छोड़ा साथ-

उत्तर प्रदेश निवासी प्रवासी मजदूर अमृत (24) पुत्र रामचरण जो सूरत गुजरात से जिला बस्ती यूपी जा रहा था, ट्रक में अपने कुछ साथियों के साथ गांव के लिए निकला था. अचानक उसकी तबीयत शिवपुरी-झांसी फोरलेन मार्ग पर बिगड़ गई. अमृत को ट्रक चालक ने वाहन से उतार दिया लेकिन इसी के साथ वाहन में इसका साथी याकूब मोहम्मद भी था. अमृत को ट्रक से उतारने पर याकूब भी उसके साथ उतर गया. कोरोना का डर था इसके बाद भी याकूब ने अपने साथी का हाथ थामे रखा और उसको लेकर अस्पताल तक आया. यहां पर इलाज के दौरान अमृत ने दम तोड़ दिया.

दोनों का कोरोना टेस्ट आया निगेटिव-

मृतक अमृत और उसके दोस्त मोहम्मद याकूब का कोरोना टेस्ट कराया गया जिनकी रिपोर्ट रविवार की शाम को शिवपुरी जिला चिकित्सालय को प्राप्त हो गई है. इस रिपोर्ट में दोनों को नेगेटिव पाया गया है. इन दोनों की रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद जिला प्रशासन ने भी राहत की सांस ली है क्योंकि जब इन दोनों को जिला अस्पताल लाया गया था तब यह डॉक्टरों सहित कई लोगों के संपर्क में आ चुके थे.

हिन्दुस्थान समाचार/ रंजीत गुप्ता

Leave a Reply

%d bloggers like this: