डीएमसीएच में भी संभव हुआ कोरोना पाजीटिव का इलाज

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दरभंगा, 05 अप्रैल (हि.स.). दरभंगा मेडिकल कालेज अस्पताल में कोरोना वायरस की जांच के बाद अब पॉजिटिव मरीजों के उपचार के लिए सरकार ने कारगर दवाओं  की आपूर्ति भी प्रारंभ कर दी है. जो दवाएं भेजी गई हैं उनमें कोरोना वायरस के इलाज में कारगर एचआइवी और स्वाइन फ्लू की दवा की आपूर्ति हो चुकी है.

इन दवाओं से राजस्थान के जयपुर स्थित मानसिंह अस्पताल में इलाज किया जा चुका है. इस संदर्भ में डीएमसीएच के कोरोना वायरस के नोडल ऑफिसर डॉ. प्रवीण सिंह ने बताया कि एचआइवी की दवा लोपीनावीर और रिटोनावीर है.

यह दवा एंटीवायरल है. दूसरी दवा ज्वाइंट पेन या अर्थराइटिस में दी जाने वाली हाइड्रोक्सीन क्लोरोक्वीन क्वीन है, जो इम्यूनिटी पावर को बढ़ाने के साथ-साथ किसी भी वायरस से लड़ने की भी क्षमता रखता है. यह दवा इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च की गाइड लाइन पर दी जा रही है.

उन्होंने कहा कि यहां पर अबतक सभी 52 कोरोना मरीजों की जांच की गई जिसकी रिपोर्ट निगेटिव पाई गई है. अस्पताल अधीक्षक डॉ. राज रंजन प्रसाद ने कहा है कि कोरोना वायरस के इलाज के लिए जितने संसाधनों की आवश्यकता होती है सभी सुविधाओं से यह अस्पताल अब लैस हो चुका है.

यहां पर कोरोना संक्रमण के संदिग्ध मरीजों के लिए आईसीयू, एचडीयू के साथ ही नर्सिंग कालेज और हॉस्टल मिलाकर 200 से अधिक बेड का आइसोलेशन वार्ड तैयार किया गया है. उन्होंने कहा कि सभी विभाग के विभागाध्यक्षों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने वार्ड के पचास प्रतिशत बेड को खाली रखें ताकि आवश्यकतानुसार उन जगहों को आइसोलेशन वार्ड में तब्दील कर इलाज किया जा सके.  

हिन्दुस्थान समाचार/मनोज/विभाकर