MP: ट्रांसपोर्टर्स की हड़ताल शुरू, सात लाख से अधिक वाहनों के पहिए थमे

rajnath singh
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इंदौर/भोपाल, 10 अगस्त (हि.स.). परिवहन विभाग की चौकियों पर भ्रष्टाचार, प्रदेश में डीजल पर लग रहे सबसे ज्यादा वैट समेत अन्य मांगों को लेकर ट्रांसपोर्टर्स की हड़ताल सोमवार सुबह से शुरू हो गई. इसके साथ ही मप्र के सात लाख ट्रक और अन्य वाणिज्यिक माल परिवहन वाहनों के पहिए सोमवार से अगले तीन दिनों के लिए थम गए.ट्रांसपोर्ट कांग्रेस ने अन्य प्रदेशों से आने वाले वाहनों को भी प्रदेश में नहीं आने देने की बात कही है.

ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस वेस्ट जोन के उपाध्यक्ष विजय कालरा ने कहा कि मप्र में रजिस्टर्ड सात लाख ट्रक व अन्य वाणिज्यिक वाहन तीन दिन तक नहीं चलेंगे. साथ ही मप्र से हर दिन गुजरने वाले 33 हजार वाहन भी नहीं गुजरेंगे.

इंदौर ट्रक ऑपरेटर और ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन अध्यक्ष सीएल मुकाती ने कहा कि हम अपनी चार सूत्रीय मांगों को लेकर परिवहन मंत्री से मिले थे लेकिन उनका रवैया सकारात्मक नहीं लगा.इसी कारण हमने मध्यप्रदेश में 10 से 12 अगस्त तक परिवहन व्यवस्था को पूरी तरह से बंद रखने का निर्णय लिया है.

हमारी मांग है कि कोरोनाकाल का परिवहन और गुड्स टैक्स माफ किया जाए.पिछले एक साल में जो वैट वृद्धि और अन्य टैक्स बढ़ाए हैं, उन्हें वापस लिया जाए.ड्राइवरों को कोरोना योद्धा मानते हुए उन्हें बीमा की सुविधा उपलब्ध करवाई जाए.मप्र के चेक पोस्ट पर अवैध वसूली बंद की जाए।

प्रतिदिन 450 करोड़ के नुकसान का दावा
ट्रासपोर्टर्स की इस हड़ताल का असर प्रदेश की जनता पर पड़ेगा.अभी व्यापार 25 से 30 फीसदी ही चल रहा है.70 से 75 फीसदी व्यापार तो बंद ही है.ऐसे में अनुमान है कि हड़ताल के दिनों में सरकार को प्रतिदिन 450 करोड़ के राजस्व का नुकसान होगा.

यदि 100 फीसदी व्यापार शुरू होता तो सरकार को 2000 करोड़ का नुकसान प्रतिदिन होता.बंद को ड्राइवर, ट्रांसपोर्टर, डीजल-पेट्रोल के टैंकर, बस और टैक्सी एसोसिएशन के साथ ही अहिल्या चैंबर ऑफ कॉमर्स ने भी एक दिन का समर्थन दिया है।

मांगें नहीं मानी तो तीन दिन बाद देशव्यापी चक्काजाम
ट्रासपोर्ट एसोसिएशन का कहना है कि यह सांकेतिक हड़ताल अभी तीन दिन की है और केवल प्रदेशव्यापी है.यदि हमारी मांगें नहीं मानी गईं तो फिर देशव्यापी चक्काजाम किया जाएगा.हड़ताल के दौरान वाहनों को कतार से सीमाओं पर खड़ा करेंगे.11 अगस्त को चौकियों पर दोपहर दो बजे विरोध में हॉर्न बजाएंगे.

हिन्दुस्थान समाचार/केशव दुबे