नर्मदा के किनारे फल-फूल रहा शराब का व्यापार

माँ नर्मदा की स्वच्छता को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री ने करोड़ों रूपये खर्च किये. शराब माफिया माँ नर्मदा किनारे शराब भट्टी लगाकर शराब बनाते है. नर्मदा नदी के किनारे अवैध शराब का कारोबार आबकारी विभाग की देखरेख में फल-फूल रहा हैे.

हाल ही मे पूरे भारत वर्ष में नर्मदा जयंती बड़े धूमधाम से मनाई गई. नर्मदा जयंती के अवसर पर नर्मदा भक्त माँ नर्मदा में आस्था की डुबकी लगाई. वहीं कुछ शराब माफिया उसी पवित्र मां नर्मदा में अपने अवैध शराब व्यापार को बेखौफ चलाकर उसकी पवित्रता को तार-तार करने में लगे हुए हैं.

आबकारी अधिकारी दिखावे के नाम पर छुटपुट कार्यवाही कर अवैध शराब को संरक्षण देने का काम कर रहे रहे हैं. जब मनावर विधानसभा पेरखड़ में नर्मदा तट पर चल रहे देसी शराब बनाने के ठिकानों पर हमारी पड़ताल हुई तो वहां पर हमने पाया कि नर्मदा के पवित्र जल में शराब माफिया भट्टी लगाकर देसी शराब बनाने का काम बेखौफ कर रहे हैं. मीडिया का कैमरा देखकर शराब माफियाओं में हड़कंप मच गया और वह मौके से भागते नजर आए.

अब एक ओर जहां सरकार नर्मदा की पवित्रता और उसकी शुद्धता के दावे कर रही है वहीं दूसरी ओर शराब माफिया का यह गोरखधंधा नर्मदा के किनारे फल फूल रहा है. जिससे नर्मदा भक्त नाखुश है वह चाहते हैं कि देसी शराब जो नर्मदा किनारे बन रही है. उस पर कार्रवाई की जाए.

किंतु जिन जवाबदारों से कार्रवाई की अपेक्षा है वही इन देशी शराब माफिया को संरक्षण दे रहा है, कागजी कार्रवाई के  नाम पर कभी विभाग  छुटपुट कार्रवाई कर इतिश्री कर लेता है, किंतु आज तक पूर्ण रूप से इस गोरखधंधे को बंद कराने के लिए कोई बड़ी कार्यवाही नहीं की गई.

लोगों का कहना है यह गोरखधंधा बंद क्यों नहीं होता कब तक मां नर्मदा में यह व्यापार पलता रहे. 8 माह पूर्व आबकारी विभाग ने कार्यवाही की थी. और माँ नर्मदा में ही शराब बहाई थी जिसके बाद आज तक नही की कोई कार्यवाही नही हुई.

हिंदुस्थान समाचार/ज्ञानेंद्र

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