सीतामढ़ी में भी बाढ़ का कहर, तीन मंजिला मकान गिरा

नई दिल्ली/पटना, 17 जुलाई. बिहार में बाढ़ का कहर जारी है. गांव से लेकर शहर तक अधिकांश जिले सब बाढ़ की चपेट में हैं. इस बीच सीतामढ़ी शहर में भी बाढ़ का पानी घुस आया है. लोगों का बाढ़ से हाल बेहाल है.

इस कारण रामपदार्थ नगर में तीन मंजिला मकान ध्वस्त हो गया. बताया जा रहा है कि यह मकान शम्भूनाथ झा नामक व्यक्ति का था. फिलहाल इस हादसे में किसी जानमाल के नुकसान की खबर नहीं है.

बिहार के 12 जिलों में बाढ़ की स्थिति भयावह हो चुकी है. नेपाल के तराई इलाके और उत्तर बिहार में बारिश के कारण राज्य के कई जिलों में बाढ़ का संकट और गहरा गया है.

सोमवार को ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई दौरा किया था और राहत एवं बचाव कार्य के निर्देश दिए थे.

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक राज्य के 12 जिलों के 78 प्रखंडों के 555 पंचायतों में बाढ़ से हालात गंभीर हो चुके हैं, जिससे 25 लाख से ज्यादा की आबादी प्रभावित है.

इस दौरान बाढ़ के पानी में डूबने से 30 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है जबकि हजारों घर तबाह हो चुके हैं.

बिहार जल संसाधन विभाग के मुताबिक, बिहार की प्रमुख नदियों के जलस्तर में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है, जबकि वीरपुर बैराज में कोसी नदी के जलस्तर में भी बढ़ोत्तरी हुई है.

वीरपुर बैराज के बाढ़ नियंत्रण कक्ष के मुताबिक सुबह छह बजे वीरपुर बैराज में कोसी नदी का जलस्तर 1.53 लाख क्यूसेक दर्ज किया गया था जो आठ बजे बढ़कर 1.68 लाख क्यूसेक पहुंच गया.

इधर, वाल्मीकिनगर बैराज में गंडक नदी स्थिर बनी हुई है. यहां आठ बजे गंडक का जलस्तर 92,900 क्यूसेक था.

कटिहार में भी बाढ़ से जनजीवन प्रभावित
वहीं कटिहार जिले के कदवा, आजमनगर, प्राणपुर व अमदाबाद प्रखंड से होकर गुजरने वाली महानंदा नदी में तेज उफान के चलते कटिहार जिले की करीब दो दर्जन से अधिक पंचायतें बाढ़ की चपेट में आ गई हैं.

आधा दर्जन पंचायतें आंशिक रूप से प्रभावित हैं. महानंदा नदी के पानी से सबसे ज्यादा कदवा की 09, बलरामपुर की 09 और आजमनगर प्रखंड की 06 पंचायतें प्रभावित हैं.

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में कदवा प्रखंड के मोहम्मदपुर, सिकोहना, भर्री कदवा गोपी नगर एवं परभेली पंचायत तथा आजमनगर प्रखंड के अरिहाना, सिंघौल, हरीनगर, बेरिया जबकि बलरामपुर प्रखंड के किरोड़ा, सिंघागांव, रामपुर, हरदार, कमरा, लुत्तीपुर व बिजौल गांव शामिल हैं.

बाढ़ से अबतक जिले के करीब 35 से 40 हजार की आबादी प्रभावित हुई है. जिला पदाधिकारी पूनम ने बताया कि सभी प्रभावित पंचायतों में करीब 33 सामुदायिक रसोईघर भी बनाए गए हैं.

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 56 सरकारी नाव, 15 निजी नाव तथा 04 मोटरबोट चलाए जा रहे हैं. डीएम ने बताया कि महानंदा, गंगा और कोसी के सभी तटबंध फिलहाल सुरक्षित हैं.

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