तीन दिवसीय मल्टी लेयर फार्मिंग प्रशिक्षण शिविर का हुआ समापन, प्रतिभागियों को बांटे गए प्रमाण पत्र

नोएडा सेक्टर 167 स्थित आद्या ऑर्गेनिक फार्म में आद्या ऑर्गेनिक एंड मिल्क प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा आयोजित तीन दिवसीय मल्टी लेयर फार्मिंग की ट्रेनिंग समारोह का आज समापन हो गया. 14 फरवरी से 16 फरवरी तक चलने वाले इस प्रयोगशाला के अंतिम दिन देश भर से आए सैकड़ों किसान एवं शोधार्थियों को प्रमाणपत्र प्रदान किया गया.

तीन दिवसीय इस प्रयोगशाला में प्रतिभागियों को मल्टी लेयर फार्मिंग के तरीके एवं उसके फायदे के बारे एक्सपर्ट द्वारा बताया गया. वहीं कृषि शोधार्थियों को खेती किसानी के वैज्ञानिक पहलुओं के बारे में बताया गया.

मल्टी लेयर फार्मिंग एक्सपर्ट आकाश चौरसिया ने किसानों के प्रश्न का उत्तर देते हुए बताया कि पहाड़ी क्षेत्र जहां पर खेत ढालू होता है वहां पर खेती के लिए मल्टी लेयर फार्मिंग करना मुश्किल होता है इसलिए वहां मोनो क्रॉपिंग विधि अपनाना चाहिए.

उन्होंने बताया कि पहाड़ी क्षेत्र में किसानों को हल्दी एवं अदरक जैसी चीजें उगानी चाहिए. इसके साथ ही उन्होंने किसानों को जमीन की उर्वरक क्षमता को बढ़ाने के तरीके भी बताए. आकाश चौरसिया ने बताया कि जमीन अगर नमक युक्त है तो वहां पर गौ मूत्र का प्रयोग कर उसकी क्षरता को कम कर सकते है. भविष्य में खेती किसानी में सबसे बड़ी समस्या क्लाइमेट चेंज है जिसे ठीक करने की आवश्यकता है. मल्टी लेयर फार्मिंग में कीड़ों और खरपतवार का खतरा कम हो जाता है.

आकाश ने कहा कि खेती एक दिन में सीखने वाली चीज नहीं है यह लगातार वर्षों तक करने वाली चीज है. हमारे देश के किसान पैसे से भले ही कमजोर थे लेकिन हम समृद्ध थे. उन्होने कहा कि हमारा संकल्प विष मुक्त थाली का है.

जैविक खेती एक्सपर्ट दीपक रनवेडे ने कहा कि कहा कि भारत के हर घर में विष मुक्त थाली पहुंचाने के लिए हमे धृढ़ संकल्प की आवश्यकता है. हमारे देश का युवा कहीं किसी कंपनी में नौकरी करने के बजाय स्वावलंबी बन सकते है अगर वो एक एकड़ खेत में मात्र चार घंटे प्रतिदिन काम करे. किसान और युवा इस बात को समझना नहीं चाहता है लेकिन इस तीन दिन में हमने देखा कि 20-25 वर्ष के युवाओं में खेती किसानी को लेकर जज्बा अधिक है. इस से लगता है कि शाश्वत कृषि समृद्ध किसान का सपना पूरा होगा.

आद्या ऑर्गेनिक एंड मिल्क प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड की मैनेजिंग डायरेक्टर पल्लवी सिन्हा ने प्रतिभागियों को धन्यवाद समर्पित करते हुए कहा कि यहां पर आए लोगों के जज्बात और जोश देख कर हमारा हौसला बढ़ा है. तीन दिन के प्रयोगशाला के सफलता के बाद अब हम सात दिन के प्रयोगशाला की योजना बना रहे है.

आद्या ऑर्गेनिक एंड मिल्क प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड की डायरेक्टर रत्ना सिन्हा ने कार्यक्रम के अंत में पूरी टीम को इस तीन दिन के कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए धन्यवाद दिया.

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