यूपीः गोरखपुर में हजारों हेक्टेयर धान-सब्जी की फसल डूबी, किसानों ने की मुआवजे की मांग

Crop Destroyed
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गोरखपुर, यूपी।

पिछले कुछ दिनों से हो रही जबरदस्त बारिश से यूपी के कई जिलों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है. बारिश और जलभराव से गोरखपुर जिले में किसानों की बोई गई खरीफ की 4031 हेक्टेयर धान, अरहर, सब्जी, मक्का आदि की फसलें पानी में डूब गई हैं. जिसके कारण अब किसान मुआवजे की मांग कर रहे हैं.

हालांकि शासन की ओर से अब तक इन डूबी हुई फसलों के सर्वेक्षण के लिए भी कोई निर्देश नहीं मिला है. बावजूद इसके कृषि विभाग ने तैयारी शुरू कर जांच रिपोर्ट बनाने के जुटा है. इधर किसानों की दिक्कतें बढ़ गई हैं और जिला प्रशासन उन्हें प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लेने की सलाह दे रहा है.

जिला कृषि अधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक संयुक्त कृषि निदेशक कार्यालय मौखिक रूप से जलभराव एवं अतिवृष्टि से प्रभावित खरीफ फसलों की जानकारी मांगी गई थी. सूत्रों के मुताबिक सभी ब्लाक से इसकी सूचना मंगा कर 20 जुलाई को संयुक्त कृषि निदेशक कार्यालय को रिपोर्ट भेजी गई है. जबकि किसानों का दावा है कि 10 हजार हेक्टेयर से अधिक बोई गई फसल का रकबा प्रभावित है.

यहां हुई इतनी क्षति

खोराबार में 365.50, पाली में 246, सहजनवा में 298.50, उरुवा में 345, गोला में 653, गगहा में 750 और बड़हलगंज में 876 हेक्टेयर में फसल पानी में डूब गई है. इसके अलावा ब्रह्मपुर में 198, पिपराइच में 67, भटहट 75, चरगांवा में 65, पिपरौली में 121, खजनी में 46, बांसगांव में 242, कौड़ीराम में 113, बेलघाट में 206 हेक्टेयर फसल पानी में डूब गई है. पानी में डूबी इन फसल में धान, मक्का, मुंगफली, तिल और अरहर की फसलें हैं.

सबसे अधिक धान की फसल का नुकसान

जिला कृषि अधिकारी अरविंद कुमार चौधरी कहते हैं कि जिले में धान 01.49 हेक्टेयर में बोया गया है. अब डूबी फसल में सर्वाधिक रकबा धान का ही है. मक्का 2813, अरहर 5000, मुंगफली 3710 हेक्टेयर और तिल 220 हेक्टेयर क्षेत्रफल में पानी भरा है या अभी पानी का बहाव जारी है. बारिश और जलभराव से तकरीबन सभी तरह की फसलों की क्षति हुई है.

जमीनी हकीकत से दूर है रिपोर्ट

सूत्रों का कहना है कि जांच रिपोर्ट में जिला कृषि अधिकारी कार्यालय ने सरदारनगर एवं कैम्पियरगंज ब्लाक में किसी भी प्रकार की क्षति नहीं दिखाई है. लेकिन यहां सैकड़ों एकड़ बोई धान एवं सब्जी की फसल डूब गई है. सरैया, बिलारी, बसडीला गांव में धान की फसल प्रभावित है.

कैम्पियरगंज में धान, मुंगफली, तिल, मक्का और सब्जी की फसलों को काफी नुकसान हुआ है. दूसरी ओर जिले भर के किसान बारिश एवं जलभराव से क्षतिग्रस्त फसलों का सर्वेक्षण करा कर मुआवजा की मांग कर रहे हैं. किसानों का कहना है कि अभी फसल बीमा कंपनी की ओर से भी कुछ नहीं किया गया है. इसलिए उन्हें मुआवजा मिलना चाहिए.

वहीं जिला कृषि अधिकारी अरविंद चौधरी का कहना है कि किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में पंजीकृत करा लेना चाहिए, ताकि उनकी बोई गई फसल जिसे क्षति पहुंची है, उसकी कुछ भरपाई तो क्षतिपूर्ति के रूप में हो ही जाएगी. डीएम के निर्देश पर 31 जुलाई तक फसल बीमा योजना का लाभ लिया जा सकता है.

हिन्दुस्थान समाचार/आमोद