सूअर-मांस से चीन को मात देगा भारत, कर ली है पूरी तैयारी

नई दिल्ली.अमेरिका और चीन के बीच चल रही ट्रेड वॉर हर दिन तेज होती जा रही है.इस ट्रेड वॉर से चीन और अमेरिका को तो अरबों का नुकसान हो रहा है. लेकिन ये ट्रेड वॉर भारत के लिए कई मायनों में फायदेमंद साबित हो रही है. साथ ही आगे और अधिक फायदेमंद साबित भी हो सकती है.

दरअसल ट्रेड वॉर के चलते चीन के सुअर पालन का बिजनेस तेजी से गिर रहा है, जबकि वहां सुअर के गोश्त की मांग लगातार बनी हुई है. अफ्रीकी स्वाइन बुखार (एएसएफ) के प्रसार को रोकने के लिए चीनी अधिकारी संघर्ष कर रहे हैं. इस महामारी की वजह से चीन में बीते दो सालों में करीब 1.4 अरब सुअरों को मार डाला गया है.

ऐसे में इस समय में भारतीय लोगों को सुअर पालन के बिजनेस से काफी मोटी कमाई करने का सुनहरा मौका है.

1.4 अरब सूअरों को मारा गया-

चीन में 1.4 अरब सूअरों को मारा गया है. सूअरोंकी ये संख्या चीन की जनसंख्या के लगभग बराबर ही है. इतनी बड़ी तादाद में सूअरों को मारने से चीन में इस साल सूअर के मांस के दाम में बड़े इजाफे का अनुमान लगाया जा रहा है.

चीन न सिर्फ सूअर मांस का सबसे बड़ा उत्पादक है.बल्कि चीन में ही सबसे ज्यादा सूअर के मांस की खपत भी होती है. ऐसे में इस बिजनेस को बढ़ाने का भारत के पास सुनहरा मौका है. ऐसा इसलिए भी क्योंकि भारत सूअरों की पांचवीं सबसे बड़ी आबादी वाला देश है और चीन का पड़ोसी भी ऐसे में भारत के पास चीनी मार्केट से अपनी हैसियत बढ़ाने का मौका है.

इतनी बढ़ी कीमतें-

इस समय भारत के पास सूअर-मांस के बिजनेस के फलने-फूलने की खूब संभावना है क्योंकि यहां अभी दुनिया के महज 1.05 फीसदी सूअर हैं.

अब बात अगर सूअर-मांस के कीमत की जाए तो इस समय चीन में सूअर-मांस के दाम आसमान छू रहे हैं. इस समय चीन में सूअर-मांस 1.73 डॉलर से लेकर 2.25 डॉलर प्रति किलो की दर से बिक रहा है. ये कीमतें 2016 के सबसे उच्च स्तर पर हैं.

भारत के लिए आसान होगा ये काम-

कीमतों के आसमान छूने से चीन के अधिकारी काफी चिंतित हैं. उन्हें बढ़ते दाम पर जनता के गुस्सा के फूटने और विरोध करने का डर सता रहा है. इसलिए चीन में इस समय सूअर-मांस के बिजनेस को जमाना भारत के लिए काफी आसान साबित हो सकता है

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