खरीदे गए धान का समय पर उठाव नहीं होने से सूखत की बढ़ी आशंका

धमतरी 3 फरवरी (हि. स.). धान खरीद केन्‍द्रों में समर्थन मूल्य पर खरीदे गए धान का उठाव समय पर नहीं होने से सूखत की आशंका बढ़ गई है. 11 लाख क्विंटल से अधिक धान इन दिनों खरीद केन्‍द्रों में खुले आसमान के नीचे पड़ा है. फरवरी माह शुरू होने के साथ गर्मी बढ़ने की संभावना है.

जैसे-जैसे धूप बढ़ेगी वैसे-वैसे धान में सूखत होगा. इसका सीधा नुकसान समितियों को होगा. नुकसान से बचने समिति पदाधिकारी व सदस्यों ने डीएमओ कार्यालय से धान के उठाव में तेजी लाने की मांग की है.

जिले के 85 धान खरीद केन्‍द्रों में एक दिसंबर से समर्थन मूल्य पर धान की खरीद शुरू हुई. खरीद के दो माह में जिले के 90 हजार 761 किसान अपना धान बेच चुके हैं. सभी केन्‍द्रों में अब तक कि‍ स्थिति में कुल 33 लाख 69 हजार 536 क्विंटल धान की खरीद हो गई है. ज‍िसमें मोटा, पतला, महामाया, एचएमटी, आइआर- 36 व सरना धान के किस्म शामिल है.

खरीदे गए धान में से अब तक सिर्फ 22 लाख 33 हजार 276 क्विंटल धान का उठाव किया गया है, जो उठाव का 66.28 प्रतिशत है. केन्‍द्रों में अभी भी 11 लाख क्विंटल से अधिक धान खुले आसमान के नीचे है, जिस पर सूखत का खतरा मंडराने लगा है. कुछ प्रबंधकों व समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि इस साल शुरू से ही धान का उठाव काफी धीमा है.

समय पर धान का उठाव नहीं होने से सूखत होने की आशंका है. धूप हो या छांव, हर स्थिति में सूखत होना तय है. फरवरी माह शुरू होने के साथ धूप में तेजी आने की संभावना है, ऐसे में धान की सूखत तेजी से होगी.

सूखत से बचने समिति के पदाधिकारियों व सदस्यों का कहना है कि डीएमओ के माध्यम से धान के उठाव में तेजी लाना चाहिए. समय पर धान का उठाव हो जाए, तो सूखत नहीं होगी. शासन के महत्वपूर्ण उद्देश्य के तहत शून्य प्रतिशत शार्टेज पर समिति खरीद कर सकेगी.

समर्थन मूल्य में धान खरीदी के लिए 15 फरवरी अंतिम तिथि है. अवकाश व खरीद बंद होने की तिथि को छोड़ दें, तो अब धान खरीद के लिए सिर्फ 10 दिन शेष है. इस बीच ज्यादा से ज्यादा किसान केंद्रों में अपना धान बेच सकेंगे. अधिक मात्रा में धान आने की संभावना है. ऐसे में समय पर धान का उठाव नहीं होने से जाम की स्थिति निर्मित हो रही है.

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन स‍िन्‍हा

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