चंद्रयान-2 मिशन को लीड कर रही इन दो महिलाओं पर देश को है नाज

आंध्र प्रदेश के श्री​हरिकोटा में मौजूद सतीश धवन स्पेस रिसर्च सेंटर से 22 जुलाई को भारत का चंद्रयान 2 मिशन लॉच हुआ. इसरो के वैज्ञानिकों के इस महत्वाकांक्षी मिशन में दो महिलाओं का अहम रोल है. मिशन की प्रोजेक्ट डायरेक्टर मुथैया वनिता और मिशन डायरेक्टर रितु कारिधाल के हाथों में इस मिशन की बागडोर है.

पिछले दिनों इसरो के चेयरमैन के सिवान ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा था कि चंद्रयान 2 मिशन की टीम में 30 फीसदी महिलाएं हैं. भारत के दूसरे चंद्रमा अभियान का नेतृत्व दो महिलाओं ने किया है जिसपर इसरो को गर्व है. दोनों महिलाएं, वनिता और रितु पिछले 20 सालों से ज़्यादा समय से इसरो के साथ जुड़ी हैं और सेवाएं दे रही हैं.

मिशन डायरेक्टर रितु कारिधाल

इसरो की सीनियर साइंटिस्ट रितु करिधाल श्रीवास्तव लखनऊ से हैं. उन्होंने इसरो में कई अहम प्रोजेक्ट किए पर मंगलयान की डिप्टी प्रोजेक्ट डायरेक्टर के रूप में काम करने वो सबसे बड़ी चुनौती मानती हैं. रितु बताती हैं कि विज्ञान उनके लिए विषय नहीं एक जुनून है. वो 1997 से इसरो से जुड़ी थीं. वो मंगलयान में डिप्टी ऑपरेशन डायरेक्टर रहीं और अब चंद्रयान-2 में मिशन डायरेक्टर हैं.

इस मिशन के बाद हर तरफ रितु की चर्चा है. अब उन्हें लखनऊ विश्वविद्यालय 19 अक्टूबर को होने वाले दीक्षांत समारोह में एलयू की पूर्व छात्रा (रितु करिधाल) को मानद उपाधि से सम्मानित करना चाहता है. विश्वविद्यालय के अधिकारियों और सभी प्रोफेसरों ने सर्वसम्मति से उनके नाम के लिए हामी भरी है. विश्वविद्यालय का स्टाफ उनके योगदान, कड़ी मेहनत और उत्कृष्टता का सम्मान करना चाहता है.

मिशन प्रोजेक्ट डायरेक्टर मुथैया वनिता

इसरो के इतिहास में किसी प्रोजेक्ट की प्रमुख बनने वाली पहली महिला का गौरव मुथैया वनिता को इस मिशन की प्रमुख होने के साथ हासिल हुआ है. इससे पहले वनिता ने कार्टोसेट-1, ओशियनसेट-2 और मेघ ट्रॉपिक्स उपग्रहों के मिशन से जुड़े डेटा सिस्टम के लिए प्रोजेक्ट की सह निदेशक के रूप में काम किया है. इसी के चलते उन्हें डेटा क्वीन भी माना जाता है. मुथैया वनिता को 2006 में सर्वश्रेष्ठ महिला वैज्ञानिक के अवॉर्ड से नवाजा गया था.

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