प्रदेश के पर्यटन और संस्कृति मंत्रालय को सौंपा गया दीपोत्सव का जिम्मा

अयोध्या, 13 अक्टूबर. दीपोत्सव पर्व को लेकर इस बार कार्यक्रमों की श्रृंखला 10 दिनों तक बदस्तूर जारी रहेगी. श्रृंखला के तहत देश विदेश के कलाकारों की ओर से प्रस्तुतियां दी जाएंगी तो राम कथा और रामायण के प्रचार प्रसार के लिए विभूतियों को सम्मानित किया जाएगा और बच्चों की चित्रकला प्रतियोगिता कराई जाएगी.

देश विदेश के कलाकार रामकथा पर कूची चलाएंगे तो रामकथा पर विद्वानों की ओर से चर्चा भी की जाएगी. प्रदेश सरकार की ओर से आयोजित होने वाले कुछ कार्यक्रम लक्ष्मण की नगरी लखनऊ और बाकी कार्यक्रम राम की नगरी अयोध्या में संपन्न होंगे.

कार्यक्रम का जिम्मा प्रदेश के संस्कृति और पर्यटन विभाग को सौंपा गया है. तीसरे दीपोत्सव समारोह को लेकर कार्यक्रमों के आयोजन की शुरुआत 17 अक्टूबर से लखनऊ में होगी.

25 अक्टूबर तक थाईलैंड के 5 इंडोनेशिया और श्रीलंका के दो दो तथा भारत के 10 कलाकारों की ओर से रामायण पर आधारित चित्र उकेरे जाएंगे. इन चित्रों की प्रदर्शनी 26 अक्टूबर दीपोत्सव के दिन अयोध्या में लगाई जाएगी.

22 अक्टूबर से लखनऊ के ही नेशनल पीजी कॉलेज की ओर से दो दिवसीय सेमिनार का आयोजन होगा जिसमें तमिल, तेलुगू, मलयालम, बंगाली, पहाड़ी, पंजाबी, बुंदेली, उड़िया, उर्दू, अवधी और कन्नड़ जैसी भाषाओं के रामकथा विशेषज्ञ प्रतिभाग करेंगे.

समापन अवसर पर 80 वर्ष अनवत रामचरितमानस पाठ के लिए नेपाल के जनकपुर धाम मंदिर समिति अध्यक्ष, मारीशस में रामायण सेंटर की स्थापना व रामकथा के प्रचार प्रसार के लिए मारीशस के राजेंद्र अरुण व बीना अरुण.

30 वर्षों से राम कथा रामायण एवं रामलीलाओं के प्रदर्शन में सहयोग तथा विश्वविद्यालय में प्रचार-प्रसार के लिए थाईलैंड के थाई भारत कल्चरल लाज अध्यक्ष सुशील कुमार धानुका, थाई भाषा में रामायण के अनुवाद के लिए 80 वर्षीय संस्कृत के वरिष्ठ विद्वान थाईलैंड वासी आचार्य चिरापट्ट परपण्डविद्या तथा साउथ ईस्ट एशिया की रामायण नृत्य शैली एवं चित्रकला पर विशेष कार्य व 6 पुस्तकों के लेखन के लिए थाईलैंड की अनीता बोस को सम्मानित किया जाएगा.

बच्चों की चित्रकला प्रतियोगिता से अयोध्या में शुरू होंगे कार्यक्रम
दीपोत्सव पर्व को लेकर राम नगरी में कार्यक्रमों की श्रृंखला 24 अक्टूबर को अंतर्राष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय में बच्चों की प्रतियोगिता से शुरू होगी. इसके तहत दीपू सो तथा अवध की लोक कला पर चित्रकारी और राम सीता स्वरूप फैंसी प्रतियोगिता होगी.

इसी दिन गुप्तार घाट पर प्रयागराज की पूर्णिमा कनौजिया का अवधी लोक नृत्य ढिंढिया, झांसी के निशांत भदौरिया का बुंदेलखंडी लोक नृत्य राई सैरा, गोरखपुर के राकेश उपाध्याय का भजन व मानवेंद्र त्रिपाठी की मेघदूत की पूर्वांचल यात्रा तथा प्रयागराज के संतोष कुमार का नौटंकी राजा भरथरी मंचित होगी.

गुप्तार घाट पर ही 25 को झारखंड के सृष्टिधर महतो का छाऊ लोकनृत्य, लखनऊ की सुरभि सिंह टंडन की सुंदरकांड नृत्य नाटिका, दिल्ली के यश चौहान की रामलीला व लखबीर सिंह लक्खा का भजन गायन होगा.

दीपोत्सव पर भरतकुंड तक बिखरेगी सांस्कृतिक छटा मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के लंका विजय के बाद अयोध्या आगमन पर त्रेता कालीन उल्लास और हर्ष का एहसास कराने के लिए छोटी दीपावली पर राम नगरी में 5 लाख से ज्यादा दीप तो जलाए ही जाएंगे साथ ही भरत की तपस्थली भरतकुंड तक सांस्कृतिक छटा बिखरी नजर आएगी.

साकेत महाविद्यालय से राम कथा पार्क तक शोभायात्रा निकाली जाएगी जिसमें प्रदेश और प्रदेश के बाहर के कलाकार तथा विभिन्न रामलीला दलो के कलाकार शिरकत करेंगे.

राम नगरी के राम कथा पार्क में नेपाल, श्रीलंका, इंडोनेशिया और फिलीपींस की रामलीला, तुलसी उद्यान में भजन लोकगीत लोकनृत्य राम लीला, नवनिर्मित भजन संध्या स्थल में भजन, लोक नृत्य, राम राज्याभिषेक नृत्य नाटिका, जादू व रामलीला, झुनकी घाट में भजन, लोक गायन, पाई डंडा लोक नृत्य, नंदाराजजात नृत्य नाटिका व रामलीला.

हनुमान बाग में भजन, लोक गायन, फरवाही नृत्य व रामलीला, कनक भवन में भजन, लोकगीत, लोकनृत्य व रामलीला, दशरथ महल में भजन, सुगम संगीत, लोक नृत्य व रामलीला, बिड़ला धर्मशाला में भजन, लोक गायन, भोजपुरी व रामलीला, साकेत कॉलेज में भजन, लोकगायन.

बिरहा व रामलीला, आईटीआई में भजन, लोकगायन, धोबिया लोक नृत्य व रामलीला, भरतकुंड में भजन, लोकगायन, नृत्य नाटिका भरत चरित्र व रामलीला तथा गुप्तार घाट पर भजन, उत्तराखंड का लोक नृत्य, विदेशी रामलीला व रामायण आल्हा का आयोजन होगा. हिन्दुस्थान समाचार/पवन

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