कटमनी में सरकारी अधिकारियों की भूमिका, सामने आया रिश्वतखोरी का मैसेज

कोलकाता. पश्चिम बंगाल में अब तक विपक्षी पार्टियां आरोप लगाती रही हैं कि राज्य प्रशासन के आला अधिकारी न सिर्फ प्रशासनिक कार्यों को देखते हैं बल्कि पार्टी की गतिविधियों को भी तय करते हैं.

अब एक ऐसा मैसेज सामने आया है जिससे न सिर्फ इन आरोपों पर मुहर लगती है बल्कि सरकारी परियोजनाओं को लोगों तक पहुंचाने के एवज में भारी रिश्वतखोरी यानी कट मनी में सरकारी अधिकारियों की संलिप्तता भी उजागर हो रही है.

पुरुलिया के पूर्व जिलाधिकारी अलोकेश प्रसाद राय का एक मैसेज सामने आया है. जो उन्होंने जिलाधिकारी रहते समय तत्कालीन जिला तृणमूल अध्यक्ष सुजय बनर्जी को भेजा था. इस मैसेज में अलोकेश ने सुजय को लिखा है, “आप अपनी डकैती की राजनीति की वजह से पार्टी को डूबा देंगे”

इसके जवाब में सुजन ने मैसेज किया है, “मैंने जिसका नाम भेजा है टेंडर उसी को मिलना चाहिए” दो और मैसेज बरामद हुए हैं. जिसमें एक व्यक्ति के नाम पर सरकारी ठेका देने की सहमति बनी है. इसमें दोनों ने हिस्सा समझने की बात भी कही है.

इस मैसेज का स्नैपशॉट वायरल होने के बाद राज्य की राजनीति में हंगामा बरपा हुआ है. दूसरी ओर आईएएस अलोकेश प्रसाद और तृणमूल नेता सुजय बनर्जी ने एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाना शुरू कर दिया है. इसका फैसला करने के लिए दोनों मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के द्वार जा पहुंचे हैं.

सुजय बनर्जी ने कहा कि पूर्व जिलाधिकारी को भेजा गया जो मैसेज वायरल हुआ है वो आधारहीन है. मैंने जो कुछ भी किया है वो सब कुछ मुख्यमंत्री को मालूम है. अगर मुख्यमंत्री कहेंगी तो मैं इस्तीफा दे दूंगा.

पंचायत चुनाव के समय अलोकेश पुरुलिया के जिलाधिकारी थे. तब बीजेपी ने उन पर तृणमूल के कैडर के तौर पर काम करने का आरोप लगाया था. इस बारे में रविवार को सुजय ने कहा कि अलोकेश जब पुरुलिया के जिलाधिकारी थे तब एक टेंडर को लेकर उनसे मेरा मत विरोध हुआ था. इस वजह से हम दोनों में कभी भी बनती नहीं थी.

जब उनसे मैसेज में एक ठेकेदार को ठेका देने का दबाव बनाए जाने के बारे में पूछा गया तब उन्होंने कहा कि अलोकेश ने जान-बूझकर वो मैसेज वायरल किया है ताकि मुझे बदनाम किया जा सके.

जो मैसेज वायरल हुआ है उसमें देखा जा सकता है कि अलोकेश ने लिखा है कि सुजय हर एक ठेके में ठेकेदारों से आठ से लेकर 15 प्रतिशत कट मनी लेते थे. इस पर सुजय ने कहा कि यह सबकुछ मुझे बदनाम करने के लिए जिलाधिकारी ने किया है. मैंने मुख्यमंत्री के पास इससे संबंधित शिकायत की है.

जैसा निर्देश आएगा वैसा करूंगा. इधर जब अलोकेश से इस बारे में प्रतिक्रिया के लिए संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि यह सच है कि मैंने वो मैसेज भेजा था. दरअसल मुझ पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी का नाम लेकर किसी खास व्यक्ति को ठेका देने का दबाव बनाया जा रहा था.

भ्रष्टाचार का मामला था इसलिए मैंने मुख्यमंत्री को भी इस से अवगत कराया है. अलोकेश ने ये भी आरोप लगाया कि सुजय ने उनके कई मैसेज को वायरल किया है. जिसमें एक ठेकेदार को ठेका देने संबंधी कथित सहमति वाला मैसेज भी है.

उन्होंने कहा कि मैंने मुख्यमंत्री को इस पूरी घटनाक्रम से अवगत कराया है और इस मामले में उनके निर्देश का इंतजार कर रहा हूं.

सरकारी योजनाओं को आम लोगों तक पहुंचाने के एवज में राज्य भर के सत्तारूढ़ पार्टी के नेताओं पर रिश्वतखोरी का आरोप है. मुख्यमंत्री ने खुद निर्देश दिया है कि जिन नेताओं ने भी कट मनी लिया है. उसका 25 प्रतिशत हिस्सा लौटा दें. जैसे ही नेताओं के खिलाफ जनता ने घेराबंदी शुरू की उसके बाद कई अधिकारी भी इसमें फंसते नजर आए हैं.

हिन्दुस्थान समाचार/ओम प्रकाश

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