फाइल फोटो
Legislative Assembly

मुंबई. विधान परिषद में मंगलवार को बजट पेश करते समय जमकर हंगामा हुआ. विपक्ष ने आरोप लगाया कि अभी बजट सदन में पेश किया जा रहा है, जबकि वित्त मंत्री सुधीर मुनगंटीवार के ट्वीटर अकाउंट से बजट बाहर लीक किया जा रहा है.

विपक्ष के आरोपों को संज्ञान में लेते हुए सभापति रामराजे नाईक निंबालकर ने बजट बीच में ही 10 मिनट के लिए रोक दिया और अपने कार्यालय में संबंधितों को बातचीत के लिए बुलाया. इधर राजस्व मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने भेदभाव का आरोप लगाते हुए सभापति के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का बात कही है. शिवसेना ने भी इसे समर्थन दिया है.

वरिष्ठ सदन में वित्त राज्यमंत्री दीपक केसरकर बजट पेश कर रहे थे. इसीबीच सदन में विपक्ष के नेता धनंजय मुंडे ने आपत्ति जताई कि अभी बजट पेश हो रहा है जबकि वित्त मंत्री सुधीर मुनगंटीवार के ट्वीटर अकाउंट से बजट की जानकारी दी जी रही है. बजट बाहर लीक किया जा रहा है.

मुंडे ने कहा कि यह सदन का अपमान है. इसके लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, वित्त मंत्री और सदन के नेता को माफी मांगनी चाहिए. उन्होंने कहा कि पहली बार एेसा हो रहा है, जब सदन में पूरा बजट पेश ही नहीं हुआ है और बाहर लीक किया जा रहा है. यह गंभीर मामला है. इस बीच विपक्ष के अन्य सदस्य भी खड़े गए और मुंडे का समर्थन करने लगे.

सत्ता पक्ष के सदस्य भी खड़े हो गए और विपक्ष का विरोध करने लगे. भारी शोरगुल के बीच सभापति ने सदन की कार्यवाही दस मिनट के लिए रोक दी और अपने कार्यालय में संबंधितों की बैठक बुलाई.

विधानसभा में भी विपक्ष के विधायकों ने बजट लीक किए जाने का आरोप लगाया. एनसीपी विधायक दल के नेता अजीत पवार ने पत्रकारों को बताया कि सरकार मनमानी कर रही है. बजट की जानकारी लीक करके सदन का अपमान किया गया है. विपक्ष को दबाने की कोशिश की जा रही है. इस पर मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री को माफी मांगनी चाहिए.

सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होते ही फिर विपक्ष हंगामा करने लगे. इस बीच राजस्व मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने कहा राज्य के इतिहास में पहली बार हुआ है, जब बजट बीच में रोका गया है. धनंजय मुंडे द्ववारा बीच में आपत्ति जताना उचित नहीं था.

मुंडे बजट पेश होने के बाद आपत्ति जता सकते थे. जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाती. सभापति को बजट बीच में नहीं रोकना चाहिए था. प्रश्नकाल के दौरान भी नेता विपक्ष मुंडे ने इसतरह का बर्ताव किया था. पाटिल ने भेदभाव का आरोप लगाते हुए सभापति के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की बात कही.

हालांकि सभापति ने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव लाना गलत है. मैंने गंभीर मामले को समझने के लिए सदन की कार्यवाही रोकी थी. मैं बजट पेश करने की अनुमति देता हूं. आखिरकार वित्त राज्यमंत्री दीपकर केसरकर ने बजट पेश किया. इस बीच विपक्ष के सदस्यों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की.

बजट पेश होने के बाद शिक्षा मंत्री विनोद तावड़े ने कहा कि बजट लीक नहीं हुआ है. आधुनिक तकनीक बहुत आगे चली गई है. उन्होंने कहा कि विधानसभा में वित्त मंत्री मुनगंटीवार ने दो बजे से बजट पेश करने की शुरूआत की. पहला ट्वीट 2 बजकर 16 मिनट पर भेजा गया. इसके बाद 16-16 मिनट पर ट्वीट किए गए. संसद में केंद्रीय बजट पेश होते हुए 4 मिनट में ट्वीट भेजे गए थे. संसद में पीएम मोदी के भाषण के अंश ट्वीट किए जाते हैं.

हिन्दुस्थान समाचार / विनय/राजबहादुर

Leave a Reply