#ELECTION2019: तो इस कारण वाराणसी से रद्द हुई तेज बहादुर की उम्मीदवारी…

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ वाराणसी सीट से सपा प्रत्याशी के तौर पर नामांकन करने वाले बीएसएफ के बर्खास्त सिपाही तेज बहादुर यादव का नामांकन रद्द हो गया है. तेज बहादुर यादव को जिला निर्वाचन अधिकारी से नोटिस मिलते ही सपा में हड़कंप मच गया है.

सूत्रों के मुताबिक निर्वाचन अधिकारी तेज बहादुर के नामांकन पत्र को खारिज कर दिया. अब शालिनी यादव सपा की तरफ से चुनावी मैदान में मोदी को टक्कर देंगी.

फिर भी जिला निर्वाचन अधिकारी ने उन्हें नोटिस जारी कर एक मई को सुबह 11 बजे तक मोहलत देते हुए जवाब मांगा था. जवाब नहीं मिलने पर उनके फार्म को खारिज कर दिया जाएगा.

तेज बहादुर को कहा गया है कि यादव BSF से प्रमाणपत्र लेकर आएं, जिसमें ये साफ हो कि उन्हें नौकरी से किस वजह से बर्खास्त किया गया. जांच में पाया गया कि यादव ने पहले नामांकन में ‘भारत सरकार या राज्य सरकार के अधीन पद धारण करने के दौरान भ्रष्टाचार या अभक्ति के कारण पदच्युत किया गया’ के सवाल पर हां में जवाब दिया और विवरण में 19 अप्रैल, 2017 लिखा है.

दूसरे नामांकन में शपथ पत्र प्रस्तुत कर पहले नामांकन में गलती से हां लिख दिया गया, बताया है. शपथ पत्र में बताया कि तेज बहादुर यादव सिंह पुत्र शेर सिंह को 19 अप्रैल, 2017 को बर्खास्त किया गया, मगर भारत सरकार व राज्य सरकार द्वारा पद धारण के दौरान भ्रष्टाचार एवं अभक्ति के कारण पदच्युत नहीं किया गया है.

इस नोटिस के बाद तेजबहादुर ने बीजेपी पर अपने खिलाफ षड़यत्र का आरोप लगाया है. यादव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लिखा है कि मोदी जी मुझसे डरे हुए हैं और वाराणसी से मेरा नामांकन रद्द करने का षड़यत्र रचकर बीजेपी लोकतंत्र की हत्या कर रही है.

नामांकन पत्र के नोटिस के जवाब देने के दौरान तेज बहादुर के समर्थकों और पुलिस के बीच जमकर नोकझोंक हुई, जिसके बाद पुलिस ने समर्थकों को कचहरी परिसर से बाहर कर दिया.

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