TAX नहीं दिया तो खानी पड़ेगी जेल की हवा, मोदी सरकार ने किया नियमों में बड़ा बदलाव

नई दिल्ली.मोदी सरकार ने जब से अपने दूसरे कर्यकाल की शुरूआत की है. तब से ही वो टैक्स चोरी,ब्लैकमनी और आय से अधिक संपत्ति को लेकर सख्त कदम उठाने और नए नियमों को बनाने में लग गई थी.अब सरकार ने नए नियमों को लागू करते हुए टैक्स चोरों, बेनामी संपत्ति और कालाधन ​रखने वालों पर शिकंजा कसने की पूरी तैयारी कर ली है.

30 फीसदी जुर्माना देकर बच जाते थे-

सरकार के नए नियमों के तहत अब टैक्स चोरी करने वाले जुर्माना भरने के बाद भी कार्रवाई से नहीं बच पाएंगे.टैक्स चोरी करने वालों को भारी-भरकम जुर्माना तो भरना ही पड़ेगा.साथ ही उन्हें जेल की हवा भी खानी पड़ेगी.सरकार के नए नियमों के मुताबिक अब टैक्स चोरी को गंभीर अपराध माना जाएगा.अभी तक ऐसे लोग 30 फीसदी टैक्स और जुर्माना भरकर अपने कालेधन को सफेद धन में बदल लेते थे

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने कंपाउंडिंग ऑफ ऑफेंसेज डायरेक्ट टैक्स लॉज पर 30 से ज्यादा पन्नों का संशोधित दिशानिर्देश को जारी किया है.

नियमों में हुआ बदलाव-

पहले के नियमों को तहत लोग टैक्स चोरी करके और ब्लैकमनी को विदेशों में जमा करके भारी जुर्माना देकर सजा से बच जाते थे.लेकिन उसे अब खत्म कर दिया गया है.सरकार ने कंपाउंडिंग ऑफ ऑफेंसेज डायरेक्ट टैक्स लॉज, 2019 के तहत अपराधों की कंपाउंडिंग पर नई गाइडलाइन्स का ऐलान किया है. अब बेनामी लेनदेन और अघोषित विदेशी आय से संबंधित अपराधों को नॉन-कंपाउंडेबल श्रेणी में रखा गया है.

13 तरह के मामलों की सूची भी जारी-

सीबीडीटी के नए नियमों के अनुसार, काले धन और बेनामी कानून के तहत ज्यादातर अपराध नॉन कंपाउडेबल होंगे, यानी सिर्फ जुर्माना देकर कोई भी दोषी बच नहीं पाएगा.इस मामले में सीबीडीटी ने 13 तरह के मामलों की सूची भी जारी की है. अपराधों को उनकी गंभीरता के हिसाब से दो पार्ट में बांटा गया है.

ये होंगें नए नियम
पहले पार्ट यानी कैटेगरी A के तहत आने वाले अपराधों को कोर्ट के बाहर समझौता करने की मंजूरी दी जा सकती है.इस पार्ट में टैक्स नहीं चुकाने या फिर कम टैक्स चुकाने जैसे मामले आएंगें.ऐसे मामले पर धारा 115-0 के तहत और चैप्टर XVII-B के तहत कर्रवाई की जाएगी.लेकिन, किसी को तीन बार दोषी पाया जाता है, तो दोषी को बचाव का मौका नहीं मिलेगा और उनको कोर्ट के बाहर समझौता करने की मंजूरी नहीं दी जाएगी.

नए गाइडलाइन ने 2014 की गाइडलाइन की जगह-

कैटेगरी B में जानबूझकर टैक्स चोरी के प्रयास या विल्फुल डिफॉल्टर जिन्होंने टैक्स चोरी की, खातों या अन्य वित्तीय दस्तावेजों को पेश न करना, और जांच-पड़ताल के दौरान गलत बयान देने जैसे मामलों को रखा गया है.ऐसे मामलों को कोर्ट के बाहर नहीं सुलझाया जाएगा.

नई गाइडलाइन के अनुसार आयकर की धारा 275 A, 275B और 276 के तहत किए गए अपराध को गंभीर श्रेणी में नहीं रखा गया है. नए गाइडलाइन ने 2014 की गाइडलाइन की जगह ले ली है.

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