मिनी इंडिया कोटा में विद्यार्थियों से खुला संवाद

अरविंद गुप्ता

देश के विभिन्न राज्यों से अपने सुनहरे भविष्य के सपने संजोये डेढ़ लाख से अधिक विद्यार्थी इंजीनियरिंग व मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी करने एक से दो वर्ष के लिये कोटा आते हैं. 

कक्षा-11वीं एव 12वीं में पढ़ रहे विद्यार्थियों में से कई ऐसे हैं जो इस लोकसभा चुनाव में पहली बार मतदान कर रहे हैं. अलग संस्कृति, अलग रहन-सहन और अलग खानपान के बावजूद ये छात्र-छात्राएं कोचिंग संस्थानों और हॉस्टल में परिवार की तरह मिलजुल कर पढ़ाई करते हैं. 

हर विद्यार्थी के सामने अपने सुनहरे कॅरिअर का लक्ष्य होता है, जिसे पूरा करने के लिये वे नियमित 12 से 14 घंटे पढ़ाई करते हैं. हिंदुस्थान समाचार के डिजिटल न्यूज नेटवर्क की टीम ने संपादक विजय त्रिवेदी के नेतृत्व में शिक्षा नगरी कोटा में एलन कॅरिअर इंस्टीट्यूट के सद्भाव सभागार में कोचिंग विद्यार्थियों से लाइव संवाद किया और युवाओं ने इसमें बढ़चढ़ कर भागीदारी ली.

एलन कॅरिअर इंस्टीट्यूट के निदेशक बृजेश माहेश्वरी ने कहा कि शिक्षा नगरी कोटा देश के नवनिर्माण में अहम भूमिका निभा रहा है. यहां से प्रतिवर्ष हजारों विद्यार्थी न केवल आईआईटियन, इंजीनियर व डॉक्टर बनने का सपना सच कर रहे हैं.

बल्कि एक अच्छा इंसान बनकर अपनी पंसद के क्षेत्रों में आगे बढ़ रहे हैं. उन्होंने शिक्षा नगरी की तीन मांगों पर प्रधानमंत्री का ध्यान आकर्षित किया. पहला, कोटा में आईआईटी या एम्स जैसा राष्ट्रीय स्तर का शिक्षा संस्थान खोला जाए. 

त्रिपल आईटी का कैंम्पस अभी तक यहां बनकर तैयार नहीं हुआ है. दूसरा, देश के सभी विद्यार्थियों को अध्ययन के लिये 12 से 18 प्रतिशत जीएसटी से मुक्त किया जाए. जिससे गरीब विद्यार्थियों पर आर्थिक भार कम हो सके. 

तीसरा, कोटा में प्रत्येक परीक्षा का परीक्षा केंद्र है लेकिन जेईई-एडवांस्ड का परीक्षा केंद्र अभी तक बहाल नहीं होने से भीषण गर्मी में छात्र-छात्राओं को दूसरे शहरों में जाना पड़ता है, जिससे उन पर शारीरिक,  मानसिक व आर्थिक भार पड़ता है. यहां सेंटर फिर से बहाल किया जाये. 


पूरा लेख पढ़ें युगवार्ता के 12 अप्रैल के अंक में…

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