Ramzan (File Photo)
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  • इस्लाम धर्म रोजा रखने में कुछ रियायतें भी देता है. मसलन बीमार, बच्चे, गर्भवती महिलाएं, सभी को इसमें रियायत मिलती है
  • डॉक्टरों का कहना है कि रोजा रखने वालों को अपने खानपान का पूरा ध्यना रखना चाहिए

रमजान के मुकद्दस महीने में रोजे रखे जा रहे हैं. हर उम्र के लोग रोजे रख रहे हैं. इस्लाम धर्म की मानें तो रोजा रखना हर किसी का फर्ज है.

मगर इस्लाम धर्म रोजा रखने में कुछ रियायतें भी देता है. मसलन बीमार, बच्चे, गर्भवती महिलाएं, सभी को इसमें रियायत मिलती है. मगर डॉक्टरों का कहना है कि रोजा रखने वालों को अपने खानपान का पूरा ध्यना रखना चाहिए.

डायबटीज से पीडित लोग इसे कंट्रोल में रखने के लिए दवाओं और इंसुलिन का इस्तेमाल करते हैं. रोजा रखने से पहले डॉक्टर से जरूर बात करें.

रोजे के दौरान खुराक और समय में होने वाले चेंजेस करने पड़ते हैं. ये जरूरी है कि आप दवाओं को बंद न करें. इस समय में इंसुलिन भी लेते रहें, वरना आपकी तबियत खराब हो सकती है. कोशिश करें कि इफ्तार के समय पर ही दवाइयां ले, ताकि आपकी सेहत भी बनी रहे.

डॉक्टर की सलाह से लें दवाइयां
डाइट, दवाइयां
और इसके परिवर्तन को लेकर डॉक्टर से सलाह जरूर करें. डायबटिज को लेकर कई संबंधित दवाइयां ऐसी हैं जिन्हें सुरक्षित तौर पर रोजे रखे जा सकते हैं. इसके अलावा कुछ ऐसी दवाइयां भी हैं डॉक्टरों की सलाह से ली जा सकती हैं.

ध्यान जरूर रहें
डायबटीज के अलावा हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों को भी सेहत का ध्यान रखने की जरूरत है. गर्मी और पानी न पीने के कारण डीहाइड्रेशन होने की संभावना बढ़ी रहती है.

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