फैजाबाद(अयोध्या) लोकसभा सीट पर एक नजर

फैजाबाद लोकसभा सीट पर 1957 में पहली बार चुनाव हुआ. इस चुनाव में यहां से राजाराम मिश्र एकतरफा चुनाव जीते. फिर 1971 तक लगातार कांग्रेस यहां से चुनाव जीतती रही. 1977 में भारतीय लोकदल के अंनतराम जायसवाल यहां से सांसद बने. 1980 और 1984 में फिर कांग्रेस जीती.

1889 में कम्युनिस्ट पार्टी के मित्रसेन फैजाबाद से सांसद चुने गए. 1991 की राम लहर में भाजपा के कद्दावर नेता विनय कटियार यहां से सांसद चुने गए. 1996 में फिर भाजपा यहां से जीती. 1998 में विनय कटियार की हार हुई और सपा को जनता ने आशीर्वाद दिया.

2004 में बसपा प्रत्याशी मित्रसेन फिर इस सीट पर काबिज होने में सफल रहे. 2009 में कांग्रेस के निर्मल खत्री सांसद चुने गए. 2014 के चुनाव में भाजपा प्रत्याशी लल्लू सिंह ने इस सीट से चुनाव जीता और भाजपा ने 2019 में भी लल्लू सिंह पर ही भरोसा जताया है.

इस बार भी भाजपा राम नाम के सहारे अपनी नैया पास करने की जुगत में है. वहीं अयोध्यावासियों की नजर में भाजपा ही ऐसी पार्टी है जो कि राम मंदिर का निर्माण करा सकती है. इसके बावजूद भी गठबंधन और कांग्रेस प्रत्याशियों ने पूरे दमखम के साथ चुनाव मैदान में कमर कस ली है.

2019 की टक्कर –

भाजपा-

  • भाजपा से प्रत्याशी लल्लू सिंह 2014 में पहली बार संसद पहुंचे.
  • 1991 में अयोध्या से विधायक बने.
  • 1993, 1996, 2002 और 2007 में भी विधानसभा में जीत कर पहुंचे.
  • 1998 की कल्याण सिंह सरकार में पर्यटन राज्यमंत्री और ऊर्जा राज्यमंत्री बने.

कांग्रेस-

  • कांग्रेस के प्रत्याशी निर्मल खत्री ने सबसे पहले राजनीतिक जीवन में तब कदम रखा जब वह छात्र थे.
  • 1980 में अयोध्या से विधायक बनके कांग्रेस सरकार में राज्यमंत्री बने.
  • 1984 में यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष बने. 1985 में फैजाबाद से सांसद बने.
  • 2009 में निर्मल खत्री फिर सांसद चुने गए.
  • उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष रहे.
  • 2014 में लोकसभा चुनाव हार गए.

गठबंधन सपा+बसपा-

  • आनंदसेन यादव ने अपने पिता मित्रसेन यादव की विरासत संभाली.
  • पहली बार हैरिंग्टन से ब्लॉक प्रमुख चुने गए.
  • 2001 में सपा के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़े.
  • 2007 में बसपा में शामिल होकर फिर मिल्कीपुर से विधायक चुने गए.
  • इनके पिता 6 बार विधायक और तीन बार सांसद रह चुके थे.

अयोध्या का माहौल क्या है और यहां से जनता किस प्रत्याशी का राजतिलक करेगी यह देखना काफी दिलचस्प होने वाला है.

हिन्दुस्थान समाचार/ मधुकर बाजपेयी / Madhukar Vajpayee

%d bloggers like this: