ताइवान की संसद में शुक्रवार को समलैंगिक विवाह विधेयक पारित हो गया और राष्ट्रपति ने भी इस पर मुहर लगा दी है. इसके साथ ही ताइवान समलैंगिक विवाह के लिए कानून बनाने वाला एशिया का पहला देश बन गया है.

रिपोर्ट के मुताबिक इस विधेयक के पक्ष में 66 मत पड़े, जबकि विरोध में 27 मत पड़े. रूढ़िवादी सांसदों ने ‘‘नागरिक संघ’’ कानून के पक्ष में सबसे प्रगतिशील विधेयक को रोकने की कोशिश की. इस मुद्दे को लेकर देश के लोगों की राय बंटी हुई है जब संसद में इस विधेयक पर चर्चा हो रही थी तब संसद के बाहर बड़ी संख्या में समलैंगिक समुदाय के लोग भारी बारिश के बाद भी परिणाम का इंतजार कर रहे थे. विधेयक पारित होने की सूचना मिलते ही समलैंगिकों में खुशी की लहर दौर गई. हालांकि विवाह के अधिकार से कम पर वे राजी भी नहीं होते.

साल 2017 में संविधानिक पीठ ने कहा था कि समलैंगिकों को विवाह करने का अधिकार है. साथ ही संसद को कानूनी बदलाव लाने के लिए 24 मई, 2019 तक का समय दिया था. इस विधेयक के अलावा समलैंगिकों से जुड़े दो और विधेयक पेश किए गए थे, लेकिन विवाह के अधिकार संबंधी सरकारी विधेयक को ही पारित किया गया है.