'8 सफदरजंग लेन' में अब नहीं मिलेंगी सुषमा स्वराज….

नई दिल्ली. पद चला जाता है रुतबा चला जाता है पर मोह नहीं जाता. भारत की राजनीति में सांसद और मंत्री भले ही रिटायर हो जाएं पर सरकारी सुविधायें छोड़ने का मन गाहे-बगाहे का ही करता है. सालों साल निकल जाते हैं उनको सरकारी आवास छोड़ने में पर कुछ ऐसे भी नेता है जो एक मिसाल भी पेश करते हैं. ऐसी एक मिशाल हैं पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज.

पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज (Sushma Swaraj) ने अपना सरकारी आवास छोड़ दिया है. सुषमा ने ट्वीट कर के घर छोड़ने की जानकारी दी है.

स्वराज ने ट्विटर पर सरकारी बंगला (Official residence) खाली करने की सूचना देते हुए बताया कि उनसे अब पुराने नंबर पर संपर्क नहीं होगा. कृपया ध्यान दें कि पहले वाले पते और फोन नंबर पर मुझसे संपर्क नहीं हो पाएगा.’

सुषमा स्वराज पहले 8 सफदरजंग लेन (8 Safdarjung lane) में रह रहीं थीं. सुषमा अब आगे कहां रहेंगी ये फिलहाल साफ नहीं हो पाया है. सरकारी बंगले को खाली करने के सुषमा स्वराज के इस कदम की सोशल मीडिया पर खूब प्रशंसा हो रही है.

सुषमा के अपने आधिकारिक आवास को छोड़ने वाले ट्वीट पर लोगों ने अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं. किसी ने कहा आप लोगों के लिए आदर्श हैं तो किसी ने कहा ऐसे नेता कहां मिलते हैं जो अपनी मर्जी से सरकारी बंग्ला छोड़ दें, दूसरे नेता तो जबरन छोड़ना पड़े तो नलों की टोटियां उखाड़ ले जाते हैं.

एक यूजर ने लिखा- ये देखिए इसे कहते हैं परिपक्व राजनेता जिनका जनता भी आदर करतीं हैं. वरना कुछ लोग तो सरकारी आवास खाली नहीं करते और जबरन ख़ाली करना पड़े तो टोंटियां भी चोरी करके साथ ले जाते हैं.

बीजेपी की दिग्गज नेता सुषमा स्वराज ने लोकसभा चुनाव 2019 में चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया था और मोदी सरकार में मंत्री न बनने का भी आग्रह किया था, जिसके बाद वो मंत्री नहीं बनी थीं.

इस बार सुषमा स्वराज की जगह पर जयशंकर प्रसाद को विदेश मंत्री बनाया गया है. इससे पहले जयशंकर प्रसाद विदेश सचिव रह चुके हैं.

विदेश मंत्री रहने के दौरान सुषमा स्वराज ट्विटर पर काफी एक्टिव रहती थीं और विदेश में रह रहे भारतीयों की समस्याओं का ट्विटर पर ही समाधान करती थीं.

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नई दिल्ली. पद चला जाता है रुतबा चला जाता है पर मोह नहीं जाता. भारत की राजनीति में सांसद और मंत्री भले ही रिटायर हो जाएं पर सरकारी सुविधायें छोड़ने का मन गाहे-बगाहे का ही करता है. सालों साल निकल जाते हैं उनको सरकारी आवास छोड़ने में पर कुछ ऐसे भी नेता है जो एक मिसाल भी पेश करते हैं. ऐसी एक मिशाल हैं पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज.

पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज (Sushma Swaraj) ने अपना सरकारी आवास छोड़ दिया है. सुषमा ने ट्वीट कर के घर छोड़ने की जानकारी दी है.

स्वराज ने ट्विटर पर सरकारी बंगला (Official residence) खाली करने की सूचना देते हुए बताया कि उनसे अब पुराने नंबर पर संपर्क नहीं होगा. कृपया ध्यान दें कि पहले वाले पते और फोन नंबर पर मुझसे संपर्क नहीं हो पाएगा.’

सुषमा स्वराज पहले 8 सफदरजंग लेन (8 Safdarjung lane) में रह रहीं थीं. सुषमा अब आगे कहां रहेंगी ये फिलहाल साफ नहीं हो पाया है. सरकारी बंगले को खाली करने के सुषमा स्वराज के इस कदम की सोशल मीडिया पर खूब प्रशंसा हो रही है.

सुषमा के अपने आधिकारिक आवास को छोड़ने वाले ट्वीट पर लोगों ने अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं. किसी ने कहा आप लोगों के लिए आदर्श हैं तो किसी ने कहा ऐसे नेता कहां मिलते हैं जो अपनी मर्जी से सरकारी बंग्ला छोड़ दें, दूसरे नेता तो जबरन छोड़ना पड़े तो नलों की टोटियां उखाड़ ले जाते हैं.

एक यूजर ने लिखा- ये देखिए इसे कहते हैं परिपक्व राजनेता जिनका जनता भी आदर करतीं हैं. वरना कुछ लोग तो सरकारी आवास खाली नहीं करते और जबरन ख़ाली करना पड़े तो टोंटियां भी चोरी करके साथ ले जाते हैं.

बीजेपी की दिग्गज नेता सुषमा स्वराज ने लोकसभा चुनाव 2019 में चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया था और मोदी सरकार में मंत्री न बनने का भी आग्रह किया था, जिसके बाद वो मंत्री नहीं बनी थीं.

इस बार सुषमा स्वराज की जगह पर जयशंकर प्रसाद को विदेश मंत्री बनाया गया है. इससे पहले जयशंकर प्रसाद विदेश सचिव रह चुके हैं.

विदेश मंत्री रहने के दौरान सुषमा स्वराज ट्विटर पर काफी एक्टिव रहती थीं और विदेश में रह रहे भारतीयों की समस्याओं का ट्विटर पर ही समाधान करती थीं.

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