Sushant Rajput और पूर्व मैनेजर Disha Salian की आत्महत्या की वजह कॉमन तो नहीं?

Sushant Singh Rajput Disha Salian
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सुशांत के मामा अकेले ऐसे इंसान नहीं हैं जिसे ये लगता हो कि सुशांत आत्महत्या नहीं कर सकता. बल्कि ये हर उस शख्स को लगता है, जो सुशांत को जानता था. उसे समझता था. ये कैसे मुमकिन है कि दुनिया को जिंदगी की शिक्षा देने वाला खुद एक दिन इसे भूल जाएगा. जो दूसरों का हौंसला बढ़ता रहा हो, उसका हौंसला कैसे टूट सकता है.

सुशांत के मामा का शक कहीं सच तो नहीं है. कहीं सुशांत को आत्महत्या करने के लिए विवश तो नहीं कर दिया गया. क्योंकि सिर्फ 5 दिन पहले ही उनकी पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की भी बड़े ही नाटकीय ढंग से मौत हो गई है. पहले दिशा ने बिल्डिंग के 14वीं मंजिल से कूदकर जान दे दी. और अब सुशांत ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली.

दिशा और सुशांत की खुदकुशी का कहीं कोई कनेक्शन तो नहीं है. जानकारी के मुताबिक दिशा अपने दोस्तों के साथ पार्टी कर रही थी. सभी ने काफी शराब पी रखी थी. और उसी दौरान दिशा ने बिल्डिंग से छलांग लगा दी थी. उसके दोस्तों ने ही पुलिस को इसकी जानकारी दी थी. दोस्तों के हिसाब से वो डिप्रेशन में थी.

पुलिस भी इसे एक्सीडेंटली डेथ के तौर पर लेते हुए जांच कर रही है. ऐसा ही कुछ सुशांत के केस में देखने को मिल रहा है. सुशांत मुंबई के बांद्रा में एक डुप्लैक्स फ्लैट में रहते थे. जिसमें उनके साथ चार और लोग भी रहते थे. तीन नौकर एक रूममेट.

सुशांत के शव को सबसे पहले नौकर ने देखा, उसी ने ही पुलिस को फोन करके इसकी सूचना दी. जानकारी के मुताबिक पुलिस के आने से पहले ही शव को उतारकर बेड पर लिटा दिया गया था. जबकि ये कानून के हिसाब से अपराध है. कानून के मुताबिक क्राइम सीन में कोई बदलाव नहीं किया जाना चाहिए, मतलब जो चीजें जहां-जैसी पड़ी हों, उन्हें उठाया या हिलाया नहीं जाना चाहिए.

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार सुशांत की डेथ दम घुटने से हुई है. गले में रस्सी के निशान से साफ जाहिर होता है कि उसने फांसी लगाई थी. बताया जा रहा है कि सुशांत ने डिप्रेशन में आकर आत्महत्या कर ली.

हालांकि ये समझ में नहीं आ रहा है, कि सुशांत को किस जीच की कमी थी. वो करोड़ों रुपये के मालिक थे. उनकी कई फिल्में आने वाली थी. नवंबर में उनकी शादी होने वाली थी. परिवार में भी सब खुश थे. स्वस्थ्य थे. फिर सुशांत को आखिर किस बात का दुख था. वो किस चीज के लिए डिप्रेशन में थे.

जन अधिकार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद पप्पू यादव ने भी इस आत्महत्या की सीबीआई जांच की मांग की है. उन्होंने कहा कि मैं सुशांत और उनके परिवार को काफी सालों से जानता हूं. सुशांत निराशावादी इंसान नहीं थे. और ना ही कभी संघर्ष से घबराते थे.

सुशांत के मामा ने तो यहां तक कहा कि आज महाराष्ट्र में राष्ट्रवादी लोग सुरक्षित नहीं हैं. उन्होंने कहा कि इससे पहले सुशांत की पूर्व मैनेजर की एक्सीडेंटली मौत हुई है. उन्होंने कहा कि इन सारे पहलुओं की चांज होनी चाहिए.