कोरोना के कारण बिहार चुनाव टाले जाने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट का सुनवाई से इनकार

Supreme Court
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सुप्रीम कोर्ट ने बिहार में विधानसभा चुनाव टाले जाने की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया है. याचिकाकर्ता ने राज्य में कोरोना के चलते बिगड़े हालात का हवाला दिया था.

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि आयोग हालात के मुताबिक फैसला लेने में समर्थ है. याचिका में कहा गया था कि कोरोना से मुक्त होने तक बिहार में चुनाव कराने पर तब तक रोक लगाने का दिशा-निर्देश दिया जाए जब तक बिहार सरकार वहां के नागरिकों को चुनाव के लिए पर्याप्त सुविधाएं न दे.

बता दें कि चुनाव आयोग ने बिहार विधानसभा की चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है. बिहार चुनाव 3 चरणों में संपन्न कराए जाएंगे. और चुनाव के नतीजे 10 नवंबर को घोषित किए जाएंगे. चुनाव के दौरान कोरोना से बचाव के पर्याप्त इंतजाम किए जाएंगे.

कोरोना वायरस संक्रमण के दौरान चुनाव को लेकर चुनाव आयोग पहले ही दिशा-निर्देश जारी कर चुका है। बिहार चुनावों के लिए आयोग ने 60 लाख हैंड सेनेटाइजर, 46 लाख मास्क, 6 लाख पीपीई कीट, 6.7 लाख फेस शिल्ड और 23 लाख हाथों के दस्तानों का प्रबंध किया गया है.

सुनील अरोड़ा ने बताया कि बिहार में तीन चरणों में मतदान होगा. पहले चरण में 16 जिलों की 71 वामपंथी उग्रवाद प्रभावित विधानसभा सीटों पर मतदान होगा. इसके लिए 31 हजार पोलिंग स्टेशन बनाए गये हैं. दूसरे चरण में 17 जिलों की 94 विधानसभा सीटों पर मतदान होगा.

इसके लिए 42 हजार पोलिंग स्टेशन बनाए गए हैं. तीसरे चरण में 15 जिलों की 78 विधानसभा सीटों पर मतदान होगा. 10 जिलों में दो चरण में मतदान होगा. उन्होंने बताया कि विधानसभा की कुल 243 सीटे हैं, जिनमें से 38 अनुसूचित जाति और 2 अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं.

इस बार उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों को छोड़कर सभी विधानसभा सीटों पर एक घंटे ज्यादा सुबह 7 बजे से 6 बजे शाम तक मतदान होगा. पहले चरण में मतदान 28 अक्टूबर को होगा. वहीं दूसरे चरण में मतदान 3 नवम्बर को होगा. जबकि तीसरे चरण का मतदान 7 नवम्बर को सम्पन्न कराया जाएगा.