प्रशांत भूषण ने किया TWEET, सुप्रीम कोर्ट ने भेजा नोटिस

नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने सामाजिक कार्यकर्ता और वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण को अवमानना मामले में नोटिस जारी किया है. उन्होंने नागेश्वर राव को सीबीआई का अंतरिम निदेशक बनाए जाने के खिलाफ ट्वीट किया था.

अपने ट्वीट्स में उन्होंने कोर्ट में जारी सुनवाई पर टिप्पणी की थी. इस मामले की अगली सुनवाई 7 मार्च को होगी. यह नोटिस केंद्र सरकार और एटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल की तरफ से दायर की गई याचिकाओं के बाद भेजा गया है.

अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल और केंद्र सरकार ने अपनी यचिका में प्रशांत भूषण पर आरोप लगाया था कि उन्होंने अपने ट्वीट में कहा था कि अटॉर्नी जनरल वेणुगोपाल ने ‘जानबूझकर’ कोर्ट में पेंडिंग केस के बारे में गलत जानकारी दी.

भूषण को नोटिस देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा, ‘आजादी के साथ जिम्मेदारी भी आती है. लेकिन जब बार ही न्यायपालिका को खत्म करने पर उतर जाए तो? ऐसा ही लग रहा है. न्यायपालिका का बचाव बाहर से किया जाना चाहिए, न कि अंदर से. ऐसा लग रहा है जैसे कुछ वकील न्याय पालिका को खत्म करने के लिए खंजर लेकर घूम रहे हैं.’

प्रशांत भूषण ने यह नोटिस स्वीकार कर लिया है और जवाब देने के लिए तीन सप्ताह का वक्त मांगा है. मामले की अगली सुनवाई 7 मार्च को होगी.

इस मामले में एजी और केंद्र सरकार दोनों ने सुप्रीम कोर्ट में अलग-अलग याचिका लगाई थी. इन याचिकाओं में आरोप लगाया गया कि भूषण गलत बयानी कर रहे हैं और न्यायपालिका की छवि को नुकसान पहुंचा रहे हैं.

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