हैदराबाद एनकाउंटर न्यायिक आयोग का कार्यकाल 6 महीने बढ़ा

Hyderabad Encounter
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सुप्रीम कोर्ट ने हैदराबाद एनकाउंटर मामले की जांच के लिए गठित न्यायिक आयोग का कार्यकाल 6 महीने और बढ़ा दिया है. सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस वीएस सिरपुरकर की अध्यक्षता में गठित कमेटी ने कोरोना के मद्देनजर जांच में आई दिक्कत का हवाला देते हुए अपना कार्यकाल बढ़ाने की मांग की थी. उनका कार्यकाल अगस्त में पूरा हो रहा था.

सुप्रीम कोर्ट ने 12 दिसंबर 2019 को हैदराबाद एनकाउंटर की न्यायिक जांच का आदेश दिया था. सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज जस्टिस वीएस सिरपुरकर की अध्यक्षता वाली इस कमेटी के दूसरे सदस्य हैं बांबे हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज रेखा बलदोता और पूर्व सीबीआई प्रमुख डीआर कार्तिकेयन.

कोर्ट ने जांच कमेटी को छह महीने में रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया था. कोर्ट ने तेलंगाना हाई कोर्ट की ओर से की जा रही सुनवाई पर रोक लगा दी थी. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में तीन याचिकाएं दायर की गई थीं. तीनों याचिकाएं वकीलों ने ही दायर की थीं. सुप्रीम कोर्ट के वकील प्रदीप कुमार यादव, जीएस मणि और वकील मनोहर लाल शर्मा ने याचिका दायर की थी.

बता दें कि 27-28 नवंबर, 2019 की दरम्यानी रात को हैदराबाद में महिला डॉक्टर के साथ रेप कर उसे जला दिया गया था. इस घटना के बाद हैदराबाद पुलिस ने चार आरोपियों की गिरफ्तारी की थी. 6 दिसंबर, 2019 की सुबह रेप के 4 आरोपियों की पुलिस एनकाउंटर में मौत हो गई थी.

हैदराबाद पुलिस के मुताबिक चारों आरोपियों को सीन रिक्रिएट करने के लिए घटनास्थल पर ले जाया गया था, जहां से चारों ने भागने की कोशिश की. हैदराबाद पुलिस के मुताबिक उसने आत्मरक्षा में चारों आरोपियों को मार गिराया गया.

हिन्दुस्थान समाचार/संजय