Virat Kohali के दोबारा कप्तान बनाए जाने पर क्यों नाराज़ हुए Sunil Gavaskar

विश्व कप में भारत को मिली हार के बाद भारतीय टीम से तरह तरह के विवाद सामने आ रहे है. जहां एक ओर टीम के धाकड़ बल्लेबाज रोहित शर्मा और कप्तान विराट कोहली का विवाद सुर्खियों में बना ही हुआ है तो वहीं दुसरी ओर एक नए विवाद ने जन्म ले लिया है.

ये विवाद भी किसी और से नहीं बल्की कप्तान विराट कोहली से जुड़ा हुआ है. भारतीय टीम के पूर्व खिलाड़ी दिग्गज बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने विराट के स्वाभाविक तौर पर कप्तान बनाए रखे जाने के फैसले पर सवाल खड़े किए हैं. गावस्कर का कहना है की विराट को कप्तान बनाने से पहले अधिकारिक बैठक होनी ज़रुरी थी.

बता दें कि एमएसके प्रसाद की अध्यक्षता वाली अखिल भारतीय चयन समिति ने वेस्टइंडीज दौरे के लिए कोहली को तीनों फॉर्मेट का कप्तान नियुक्त किया है। इस सीरीज की शुरुआत फ्लोरिडा में होने वाले टी-20 मुकाबलों से होगी.

वहीं सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित प्रशासकों की समिति (सीओए) ने साफ कर दिया कि वह विश्व कप में टीम के प्रदर्शन पर रिव्यू बैठक नहीं बुलाएगी, लेकिन वह इस विश्व कप में टीम के प्रदर्शन को लेकर टीम मैनेजर की रिपोर्ट पर विचार करेगी.

अपने एक लेख में गावस्कर ने लिखा है, ‘अगर उन्होंने (चयनकर्ता) वेस्टइंडीज दौरे के लिए कप्तान का चयन बिना किसी मीटिंग के कर लिया तो यह सवाल उठता है कि क्या कोहली अपनी बदौलत टीम के कप्तान हैं या फिर चयन समिति की खुशी के कारण हैं.’

गावस्कर ने लिखा, ‘हमारी जानकारी के मुताबिक उनकी (कोहली) नियुक्ति विश्व कप तक के लिए ही थी. इसके बाद चयनकर्ताओं को इस मसले पर मीटिंग बुलानी चाहिए थी. यह अलग बात है कि यह मीटिंग पांच मिनट ही चलती, लेकिन ऐसा होना चाहिए था.’

प्रक्रिया को बाईपास करने से यह संदेश गया कि केदार जाधव, दिनेश कार्तिक को खराब प्रदर्शन के कारण टीम से बाहर किया गया, जबकि विश्व कप के दौरान और उससे पहले कप्तान ने इन्हीं खिलाड़ियों पर भरोसा जताया था और नतीजा हुआ था कि टीम फाइनल में भी नहीं पहुंच सकी.

बीसीसीआई के एक तबके का यह मानना था, 2023 विश्व कप को ध्यान में रखते हुए तीनों फॉर्मेट के लिए अलग-अलग कप्तान बनाया जाना एक अच्छा कदम हो सकता था। इससे आने वाले समय में टीम को फायदा होता.

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